जिला पंचायत कार्यालय में निरीक्षण करते डीएम ह्दय शंकर तिवारी।
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डीएम हृदय शंकर तिवारी ने जिला पंचायत और नगर पालिका कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। दोनों जगह अनियमितताएं पाई गई। पालिका के ईओ बगैर अनुमति के लखनऊ गए हुए मिले। अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा गया। यही नहीं दो कर्मचारियों के वेतन रोकने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को डीएम ने एसडीएम मनोज कुमार सिंह के साथ जिला पंचायत कार्यालय का निरीक्षण किया। यहां सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली। बिजली के तार अव्यवस्थित मिलें, मकड़ी के जाले, रोशनदान के पास गंदगी थी, अलमारियों के ऊपर अनावश्यक कागज पड़े हुए थे।
अपर मुख्य अधिकारी अपने स्टाफ के साथ कार्यालय में उपस्थित थे। लेखाकार रमेश चंद अपनी सीट पर नहीं मिले। डीएम ने निर्देश दिए की जिला पंचायत अपनी रशीद छपवाकर ठेकेदार से उसकी कीमत वसूल करें। ठेकेदार द्वारा अधिक धनराशि की वसूली की कोई शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। उसके बाद नगर पालिका परिषद कार्यालय का निरीक्षण किया। पालिका में अधिशासी अधिकारी अनुपस्थित पाए गए।
टैक्स ऑफिसर ने बताया कि अधिशासी अधिकारी सुदर्शन चंद्रा किसी कार्य से लखनऊ निदेशालय गए हैं। अधिशासी अधिकारी बगैर एसडीएम से अनुमति प्राप्त किए मुख्यालय पर नहीं मिले, इस बाबत उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इसके अलावा कार्यालय सहायक महेश शर्मा द्वारा उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर तो अंकित मिले, लेकिन निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाये गये। कंप्यूटर ऑपरेटर सचिन धामा भी अपने कक्ष में उपस्थित नहीं थे। उक्त दोनों कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। निर्देश दिए की ईओ संबंधित एसडीएम की पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।