बागपत में सैनिक बोर्ड समेत विभिन्न मांगों को लेकर अनशन और हड़ताल पर चल रहे पूर्व सैनिकों की मांगे आखिरकार मान ली गई हैं। कई घंटे की बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई। एडीएम डीपी सिंह, एसडीएम मनोज कुमार सिंह और अर्जुन अवार्डी शोकेंद्र तोमर ने पूर्व सैनिकों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। मांग पूरी हो जाने के बाद सैनिकों ने खुशी जताई।
कलक्ट्रेट में शनिवार को भी पूर्व सैनिकों का अनशन जारी रहा। मेरठ से कर्नल सीके राव, सैनिक कल्याण बोर्ड बागपत के अफसर मेजर संजय श्रीवास्तव और अर्जुन अवार्डी शोकेंद्र तोमर पहुंचे। प्रशासन और पूर्व सैनिकों के बीच पहले दौर की बातचीत विफल रही। डीएम ह्दय शंकर तिवारी का कहना था कि प्रशासन को मामला सुलझाने के लिए कम से कम 10 दिन का समय दिया जाना चाहिए, लेकिन सैनिक बगैर लिखित आश्वासन के नहीं माने। दूसरे दौर की बातचीत में एसडीएम मनोज कुमार सिंह ने सैनिकों को उनकी मांगे पूरी करने की बाबत लिखित में दिया। साथ ही कहा कि प्रशासन 15 दिन में पुराने एसडीएम कार्यालय के परिसर में स्थित गारद रूम, पुराना मीटिंग हॉल, पुराना एसपी सिविल कार्यालय और डाक बंगले का परिसर पूर्व सैनिकों को सुपुर्द किया जाएगा। इस पर पूर्व सैनिक सहमत हो गए।
धरनास्थल पर एडीएम, एसडीएम और सपा नेता एवं अर्जुन अवार्डी शोकेंद्र तोमर ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वा दिया। रिसालदार मेजर शीशपाल सिंह, कमल सिंह, सूबे सिंह ढाका, चरण सिंह खोखर, महक सिंह, तेज सिंह, हरपाल सिंह, तेजपाल सिंह, करण सिंह, फूल सिंह, ओमप्रकाश, धर्मपाल, जगपाल, सतवीर सिंह, धर्म सिंह, सोहनबीर सिंह, सुरेश कुमार और लक्ष्मण सिंह मौजूद रहे।
क्या-क्या थी मांगे
बागपत। पूर्व सैनिकों का कहना था कि सैनिक बोर्ड, ईसीएचएस पॉली क्लीनिक, सीएसडी कैंटीन, डीपीडीओ और सैनिक गेस्ट हाउस के अलावा बावली के शहीद स्मारक का सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण हेाना चाहिए।
एसडीएम की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी
बागपत। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने बताया भवनों का हस्तांतरण करने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। एसडीएम मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा। इसमें लोनिवि के अभियंता और पूर्व सैनिक भी शामिल किए जाएंगे।
शहीद स्मारक का होगा सौंदर्यीकरण
बागपत। डीएम ह्दय शंकर तिवारी ने कहा नियमानुसार सभी कार्य किए जाएंगे। इसके लिए वह पहले दिन से सैनिकों को कहते आ रहे हैं। भवनों के किराए का निर्धारण कमेटी करेगी। प्रशासन का मकसद सैनिकों का हित रहा है। बावली के शहीद स्मारक का भी सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।