बागपत के भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय का स्वागत करते कार्यकर्ता। स्रोत:कार्यकर
बागपत। भाजपा के नए जिलाध्यक्ष के नाम की रविवार को होने वाली घोषणा विवादों के कारण टाल दी गई। इसलिए ही जिला कार्यालय पर बुलाई गई बैठक कुछ घंटे पहले ही निरस्त करनी पड़ी। इस तरह जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय की कुर्सी बच गई तो जिला कार्यालय पर उनके समर्थकों ने उन्हें फूल माला पहनाकर खुशी मनाई।
भाजपा की जिलाध्यक्ष चुनने की चुनाव प्रक्रिया पिछले कई महीने से चल रही थी और सभी को नया जिलाध्यक्ष बनने का इंतजार था। जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की 16 मार्च की तारीख तय हुई तो यह इंतजार खत्म होता दिखाई दिया।
बागपत में पर्यवेक्षक पशुपालन विभाग के मंत्री डाॅ. धर्मपाल के नहीं आ पाने के कारण कौशल विकास मंत्री कपिल देव की जिम्मेदारी लगाई गई और चुनाव अधिकारी अशोक जाटव को जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों को जिला कार्यालय पर रविवार को दोपहर दो बजे बैठक में पहुंचने के लिए कह दिया गया था। मगर, इस बैठक से करीब पांच घंटे पहले सूचना आई कि बागपत में फिलहाल जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं होगी और इसलिए बैठक को निरस्त किया जाता है। इस तरह बागपत के जिलाध्यक्ष को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है और नया जिलाध्यक्ष बनने तक वेदपाल उपाध्याय ही यह जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। अब नया जिलाध्यक्ष बनने का मामला कई महीने बाद तक खिंचता दिख रहा है।