दोघट। हरिद्वार जिले के भगवानपुर के टकावरी स्थित रविदास आश्रम के साधु बृजेशदास निवासी नयागांव जिला मुजफ्फरनगर की हत्या के खुलासे पर उनके शिष्यों ने सवाल उठाए। उन्होंने हत्या का सही कारण पता लगाने की मांग की। पोस्टमार्टम के बाद परिजन और शिष्य साधु का शव लेकर हरिद्वार चले गए, जहां उनकी समाधि बनाई गई।
टकावरी से पांच फरवरी को लापता हुए साधु बृजेशदास की गुमशुदगी दस फरवरी को उनके शिष्य चंद्रप्रकाश ने दस फरवरी को भगवानपुर थाने में दर्ज कराई थी। भगवानपुर थाना पुलिस ने शशि निवासी गांगनौली, उसके पति संजीव और देवर जोगेंद्र को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया। बताया गया कि पत्नी से संबंधों के शक में पांच फरवरी को संजीव अपने साथ साधु बृजेशदास को घर लेकर आया। इसके बाद कुल्हाड़ी से सिर पर वार कर बृजेशदास की हत्या कर दी।
बाद में अपने भाई जोगेंद्र के साथ मिलकर शव को कृष्णा नदी में फेंक दिया। शव बरामद होने के बाद पोस्टमार्टम हाऊस पर साधु के परिजन और शिष्य पहुंचे। शिष्य शशीपाल दास, विनोद कुमार, ब्रहमदास, सेवादास आदि का कहना है कि साधु बागपत, मेरठ जाते रहते थे। महिला से संबंध होने की बात गलत है। भगवानपुर थाने में जाकर हत्या के सही कारणों का पता लगाने की मांग की जाएगी। इसके बाद शव लेकर हरिद्वार चले गए। इसमें एसपी सूरज कुमार राय का कहना है कि हरिद्वार पुलिस पूरे मामले में कार्रवाई करेगी।