फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी कर्मी को देते रहे पेंशन तो कई की गलत रिपोर्ट लगाकर बंद की गई

विज्ञापन
विज्ञापन
20 मामले आए सामने, जिनमें नगर पंचायत अधिकारियों ने पात्र होने के बावजूद गलत रिपोर्ट लगा दी
विज्ञापन

अंगदपुर, आरिफपुर खेड़ी, शाहपुर बाणगंगा व जौहड़ी के दिव्यांग अब काट रहे दफ्तरों के चक्कर
सरकारी नौकरी करने वाले बड़ौत ब्लॉक के दिव्यांग के खाते में पहुंचती रही पेंशन, रिकवरी की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जनहित के लिए लागू की जाने वाली सरकारी योजनाओं को अफसरशाही पलीता लगा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, पेंशन और आवास सहित कई ऐसी योजनाएं है, जिनमें अपात्रों को लाभ देने की पोल खुल चुकी है। हाल ही में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आठ ऐसे युगलों की शादी भी करा दी गई, जो पहले से ही शादीशुदा थे। अब दिव्यांगता पेंशन में अपात्रों को लाभ देने और पात्रों को वंचित रखने का मामला सामने आया है। किसी को सरकारी नौकरी लगने के बाद भी पेंशन मिलती रहती है तो कई की गलत रिपोर्ट लगाकर बंद कर दी गई। खुलासा होने अफसर कागजात खंगालने में जुटे है।
जिले में दिव्यांग पेंशन के पात्रों की ब्लॉक, नगर पंचायत और नगर पालिका के माध्यम से जांच कराई गई। पंचायत अधिकारियों ने 20 पात्रों को गांव से बाहर रहने के साथ ही सरकारी नौकरी पर होने और शादी होने की बात कहकर रिपोर्ट सौंपी। इसके बाद जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से उन सभी की पेंशन बंद कर दी गई। जांच में सामने आया कि अफसरों की लापरवाही से कई पात्रों को गांव से बाहर रहना बताकर पेंशन बंद कर दी गई है। इनमें अंगदपुर, आरिफपुर खेड़ी, शाहपुर बाणगंगा व जौहड़ी के दिव्यांग शामिल हैं। यह पात्र लोग अब पेंशन के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे है। कहना है कि अफसरों की लापरवाही से वे सरकारी योजनाओं से वंचित है। इसके अलावा सरकारी नौकरी करने वाले बड़ौत ब्लॉक के दिव्यांग के खाते में पेंशन पहुंचती रही। अब उससे रिकवरी की जा रही है।
विज्ञापन

पेंशन लेने वालों की जांच ब्लॉक व नगर पंचायत के साथ ही पालिका स्तर पर जांच कराई जाती है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर पेंशन की बाबत फैसला लिया जाता है। सरकारी नौकरी वाले से पेंशन की रिकवरी की गई है। वहीं, अन्य के बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। - तूलिका शर्मा, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी
विज्ञापन

डीडीओ ने डीएम के आदेश को हवा में उड़ाया
बागपत। सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज के मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बीती 11 दिसंबर को 116 जोड़ों की शादी कराई गई। इनमें कई ऐसे जोड़ों की शादी करा दी, जो पहले से शादीशुदा हैं। उनको सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह से आशीर्वाद भी दिला दिया। अमर उजाला की पड़ताल में इसका खुलासा होने के बाद डीएम राजकमल यादव ने सख्ती दिखाते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। हालांकि इसके साथ ही एक खुलासा यह हुआ कि शादी के कार्यक्रम के अगले दिन ही फर्जी शादी कराए जाने का मामला संज्ञान में आने पर डीएम राजकमल यादव ने डीडीओ बीबी सिंह को जांच सौंपी थी। वहीं, डीडीओ 13 दिन बाद भी जांच शुरू नहीं कर सके। इसके लिए डीएम के आदेश ही दबा दिए गए। वहीं, डीडीओ बीबी सिंह का कहना है कि वे काफी व्यस्त थे, इसलिए जांच शुरू नहीं कर सके। अब सभी बीडीओ से सूची मांगी है और अब जांच की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें