हाईस्कूल के बाद इंटरमीडिएट की परीक्षा रद्द होने से आएगी समस्या
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 32,754 छात्र थे पंजीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। कोरोना महामारी के चलते माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने हाईस्कूल की परीक्षा के बाद बृहस्पतिवार को इंटरमीडिएट की परीक्षा भी रद्द कर दी है। जिले में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 32,754 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शिक्षकों का मानना है कि परीक्षा रद्द होने से छात्रों की मेरिट पर प्रभाव पड़ेगा और उच्च संस्थानों में प्रवेश के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जिले में 71 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय, 52 वित्तविहीन और 19 राजकीय विद्यालय हैं। इनमें 108 विद्यालय इंटरमीडिएट और 34 विद्यालय हाईस्कूल तक संचालित हैं। जिले में वित्तीय वर्ष 2020-21 की परीक्षा के लिए 32,754 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। इनमें हाईस्कूल की परीक्षा के लिए 16,548 और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए 16,206 परीक्षार्थी पंजीकृत थे।
मेधावी छात्रों का होगा नुकसान
नगर के श्री यमुना इंटर कालेज के प्रधानाचार्य मुकेश राज शर्मा का कहना है कि इंटरमीडिएट की परीक्षा रद्द होने से मेधावी छात्रों को नुकसान होगा, जिससे उनका मनोबल कम हो सकता है।
परीक्षा से पहले स्वास्थ्य अनिवार्य
जनता वैदिक इंटर कॉलेज बड़ौत के प्रधानाचार्य डॉ. यशपाल शास्त्री का कहना है कि बच्चों के लिए परीक्षा अनिवार्य है, मगर परीक्षा के लिए भी स्वास्थ्य अनिवार्य है। शासन ने बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए निर्णय लिया है। हालांकि परीक्षा का आयोजन न होने से बच्चों की मेरिट पर प्रभाव पड़ेगा और उच्च संस्थान में प्रवेश के लिए भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
छात्र हित में होनी चाहिए परीक्षा
दिगंबर जैन इंटर कालेज के शिक्षक अजय राज शर्मा का कहना है कि छात्र हित को देखते हुए परीक्षा का आयोजन होना चाहिए। परीक्षा से ही छात्रों का सही मूल्यांकन संभव हो सकता है। परीक्षा न होने से मेधावियों को परेशानी होगी।
मेरिट पर पड़ेगा प्रभाव
नगर के श्री यमुना इंटर कॉलेज के छात्र हर्ष कुमार का कहना है कि परीक्षा रद्द होने से मेरिट पर प्रभाव पड़ेगा। उसने परीक्षा की पूरी तैयारी कर रखी थी। छात्रा तनु का कहना है कि परीक्षा न होने से पूरे वर्ष तैयारी करने वाले छात्रों के मनोबल पर प्रभाव पड़ेगा। छात्रा दीपा का कहना है कि परीक्षा रद्द होने पर पूरे वर्ष किए शिक्षण का मूल्यांकन नहीं हो पाएगा और परीक्षा को गंभीरता से न लेने वाले छात्रों को फायदा पहुंचेगा।
डिग्री कॉलेज में प्रवेश को रहेगी मारामारी
सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज के प्राचार्य अनिल कुमार का कहना है कि जिले में डिग्री कॉलेज काफी संख्या में हैं। ऐसे में कई कॉलेजों में सीटें खाली रह जाती हैं। इस बार ये सीटें भर जाएंगी। काफी संख्या में बच्चे बाहर भी पढ़ने जाते हैं। जिन कॉलेजों में पहले ही प्रवेश मुश्किल से मिलता था, वहां और भी ज्यादा मारामारी हो सकती है।
जिले में 2020-21 की परीक्षा में छात्रों का ब्योरा
परीक्षा संस्थागत व्यक्तिगत कुल
बालक बालिका बालक बालिका
हाईस्कूल 9753 6451 268 76 16548
इंटरमीडिएट 8717 5798 1355 336 16206
18470 12249 1623 412 32754