बागपत। इस्राइल-अमेरिका और ईरान में जंग के चलते तेल कंपनियां पेट्रोल पंप मालिकों से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई के लिए एडवांस रुपये मांगने लगी हैं। वहीं इसका असर पंपों पर दिखाई देने लगा। सरूरपुरकलां गांव के पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को डीजल खत्म हो गया, जिसके चलते लोगों को दिनभर डीजल नहीं मिल सका। वहीं ड्रम में एक साथ ज्यादा डीजल देने पर अमीनगर सराय के पंप की मशीन कंपनी ने बंद कर दी। इसके अलावा अग्रवाल मंडी टटीरी के पेट्रोल पंप की मशीन भी कंपनी ने बंद कर दी। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर सरूरपुरकलां गांव के पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को डीजल खत्म हो गया। दिनभर पंप पर आने वाले वाहन चालकों को बिना डीजल लिए ही वापस जाना पड़ा। पंप के मैनेजर संजीव कुमार ने बताया कि डीजल बृहस्पतिवार रात खत्म हो गया था। शुक्रवार को टैंकर नहीं आ सका। इसके अलावा अमीनगर सराय स्थित पेट्रोल पंप पर शुक्रवार सुबह से ही डीजल-पेट्रोल लेने वालों की भीड़ लगी रही। पंप से बृहस्पतिवार शाम को एक किसान को 300 लीटर डीजल दे दिया गया, तभी कंपनी ने पंप की मशीन लॉक कर दी।
इससे पंप पर डीजल का वितरण पूरी तरह बंद हो गया। पंप संचालक एसके त्यागी ने बताया कि कुछ भट्ठा संचालक भी डीजल के ड्रम भरवाकर स्टॉक कर रहे हैं। शुक्रवार को एक ग्राहक को 300 लीटर डीजल देने के बाद से मशीन लॉक है। वितरण शुरू कराने के लिए कंपनी के अफसरों से वार्ता की जा रही है। यही हाल मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे पर अग्रवाल मंडी टटीरी स्थित पेट्रोल पंप का रहा। वहां पर डीजल-पेट्रोल का स्टॉक होने के बाद भी वितरण नहीं हो सका। बताया गया कि पंप की मशीन भी लॉक हो गई थी। इसका कारण पेट्रोल पंप मालिक नहीं बता सके।
-तेल कंपनियां मांग रहीं एडवांस रुपये
पेट्रोल पंपों पर डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति करने वाली तेल कंपनियों ने भी नियम बदल दिए हैं। अब पंप संचालकों से डीजल-पेट्रोल का टैंकर भेजने के लिए एडवांस रुपये मांगे जा रहे हैं, जबकि पहले पांच दिन बाद रकम जमा कराई जा रही थी। अब एक साथ 20 से 30 लाख रुपये जमा करने में पंप संचालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-ड्रम में नहीं मिलेगा डीजल-पेट्रोल, भट्ठों पर बढ़ेगी परेशानी
तेल कंपनियों ने गाइड लाइन में सिर्फ वाहनों में ही डीजल-पेट्रोल देने के आदेश जारी किए। साथ ही ड्रम में डीजल-पेट्रोल देने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। ऐसे में जिले में संचालित 400 से ज्यादा ईंट भट्ठों पर परेशानी बढ़ जाएगी, क्योंकि ईंट भट्ठों पर कई मशीनें और वाहन ऐसे हैं, जिनमें वहीं पर डीजल भरा जाता है।
-पंप पर डीजल लेने गए थे, लेकिन कर्मचारी ने मशीन बंद होने की बात कहकर डीजल देने से मना कर दिया। इसके बाद बागपत जाकर डीजल लाना पड़ा। -भगत सिंह, अग्रवाल मंडी टटीरी
-डीजल लेने के लिए पंप पर बृहस्पतिवार को आया था, लेकिन मशीन बंद होने के कारण नहीं मिल सका। शुक्रवार सुबह भी आया तो डीजल नहीं मिला। डीजल खत्म होने के कारण ट्रैक्टर भी पंप पर खड़ा करना पड़ा। -इमरान, अमीनगर सराय
-खेत में काम करने के लिए ट्रैक्टर में डीजल लेने पंप पर गए थे, लेकिन डीजल नहीं मिला। इस कारण शुक्रवार को खेत में काम नहीं कर पाए। -सतेंद्र नैन, किसान
वर्जन-
तेल कंपनियों ने गाइडलाइन जारी की है, जिसमें ड्रम में डीजल देने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कोई पंप संचालक ड्रम में डीजल देता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके चलते ड्रम में डीजल देना बंद कर दिया गया है। तेल कंपनियों ने डीजल-पेट्रोल के एडवांस रुपये जमा कराने के लिए कहा है, जबकि पहले पांच दिन का समय मिलता था। डीजल-पेट्रोल पर्याप्त मात्रा में है, जिसका गाइडलाइन के अनुसार ही वितरण किया जा रहा है। -संजीव यादव, अध्यक्ष बागपत पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन