गांव की लापता छात्रा साक्षी चौहान का चार दिन बाद भी सुराग न मिलने से पुलिस कार्रवाई से नाराज खिंदौड़ा के ग्रामीणों ने गांव में पंचायत की। इसमें पुलिस प्रशासन पर इस मामले को हल्के में लेने के आरोप लगाते हुए निर्णय लिया गया कि यदि तीन दिन में पुलिस साक्षी को बरामद नहीं करती तो पूरा गांव सड़कों पर उतरकर सड़कें जाम करेगा। जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन होंगे और यह आंदोलन साक्षी की बरामदगी तक लगातार चलेगा। ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में 21 सदस्यीय एक संघंर्ष समिति का गठन भी किया गया।
गांव के शिव मंदिर में रविवार दोपहर हुई पंचायत में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। लोगों में पुलिस प्रशासन के प्रति काफी नाराजगी थी। वक्ताओं ने कहा कि चार दिन हो गए पुलिस साक्षी की बरामदगी तो दूर उसका कोई सुराग भी नहीं लगा सकी। पुलिस कुछ बताने की स्थिति में भी नहीं है, पुलिस की कार्यप्रणाली देख लग रहा है कि वह इस मामले को हल्के में ले रही है।
वक्ताओं ने कहा कि गांव वाले नहीं चाहते कि क्षेत्र का माहौल बिगडे़ ,लिहाजा पुलिस प्रशासन भी उसे जल्द बरामद कर ले। निर्णय लिया गया कि यदि तीन दिन के अंदर पुलिस ने साक्षी को बरामद नहीं किया तो पूरा गांव सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगा। सड़के जाम होगी।
जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा और साक्षी की बरामदगी तक यह जारी रहेगा। पंचायत में पंचों ने घटना के संबंध में 21 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन किया, जिसके अध्यक्ष ग्राम प्रधान मुकेश सोलंकी को बनाया गया। पंचायत की अध्यक्षता धर्मवीर सिंह और संचालन अनिल कुमार ने किया। इस मौके पर ग्राम प्रधान मुकेश सोलंकी, विहिप जिलाध्यक्ष सहदेव सिंह, सुखवीर, विनोद, रामनिवास, धर्मवीर, राजेश, नीटू, सुभाष, कर्मवीर, प्रदीप, महक सिंह, तेजवीर, जगवीर सिंह मौजूद रहे।
गांव में रखी गई सुझाव पेटिकाएं ःपंचायत में निर्णय के अनुसार साक्षी की बरामदगी के लिए गांव में सुझाव पेटिकाएं रखी गई। पंचायत में लोगों ने आह्वान किया कि यदि किसी के पास साक्षी के संबंध में कोई जानकारी है और वह पुलिस या परिजनों को नहीं बता पा रहा है तो वह सुझाव पेटी में कागज पर लिखकर जानकारी दे सकता है। इसके अलावा यदि कोई अपना सुझाव देना चाहता है तो वह भी दे दे सकता है।