बड़ौत। भागदौड़ भरी जिंदगी में सादगी जैसे कहीं पीछे छूट गई है। राजनीति की पगडंडियों पर लग्जरी कार फर्राटा भरती है। लेकिन ऐसे उदाहरण भी हैं, जिन्होंने सियासत के शिखर को छूकर भी सादगी को नहीं छोड़ा। पांच बार के विधायक नरेंद्र सिंह इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह के सबसे निकट के लोगों में शामिल रहे चौधरी नरेंद्र सिंह वर्तमान में मेरठ में रहते है। मूल रूप से किरठल गांव के रहने वाले है। चौधरी नरेंद्र सिंह छपरौली विधानसभा क्षेत्र से 1977 से 1995 के मध्य पांच बार विधायक रहे। उनका रहन सहन बेहद साधारण है। साधारण पहनावा ही उनकी लोकप्रियता का कारण है। कई बार उन्हाेंने सादी वेशभूषा मेें ही सार्वजनिक कार्यक्रमों में शिरकत की। पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह पांडिचेरी आश्रम के महर्षि श्रीअरविंद के अटूट भक्त हैं। अरविंद योग की सहजता और सरलता ने उनके राजनीतिक जीवन को प्रभावित किया। उन्होंने न केवल सादगी व इमानदारी से अपना कार्य किया, बल्कि चुनावों में धन शक्ति के दुरुपयोग का विरोध किया।
15 हजार खर्च किए चुनाव में
बड़ौत। वह बताते हैं कि पहले विधानसभा चुनाव 1977 में केवल 15 से 20 हजार रुपये खर्च किया और शेष पार्टी को वापस कर दिया। चौधरी चरण सिंह की सादगी और ईमानदारी ने भी उन्हें बहुत प्रभावित किया।
बसों और पैदल यात्रा से राजनीति
बड़ौत। चौधरी नरेन्द्र सिंह ऐसे व्यक्ति थे, जो पांच बार विधायक बने के बाद भी नहीं बदले। अपने कार्यकाल में उन्होंने कभी गाड़ी नहीं खरीदी। जब भी उन्हेें जनता बुलाती थी, तो सीधे मेरठ से बस में बैठकर बड़ौत पहुंच जाते थे और यहीं से ही या तो पैदल या फिर कोई अन्य वाहन से अपने एक-एक कार्यकर्ताओं व जनता से मिलकर उनकी समस्या सुनते थे और उनका समाधान कराते थे।