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प्रतियोगी परीक्षाओं की राह आसान कर रहा ढिकौली का पुस्तकालय

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ढिकौली गांव स्थित सार्वजनिक पुस्तकालय में पढ़ाई करते छात्र - फोटो : BAGHPAT
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प्रतियोगी परीक्षाओं की राह आसान कर रहा ढिकौली का पुस्तकालय खरीदीं पुस्तकें
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12 से ज्यादा गांवों के विद्यार्थियों को मिल रहा इसका लाभ
250 विद्यार्थी आज यहां आकर करते हैं परीक्षाओं की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चांदीनगर (बागपत)। गांव ढिकौली में चंदे से बनाया गया पुस्तकालय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं की राह आसान कर रहा है। परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर जाने के दौरान होने वाली मुश्किलों को दूर करने के लिए गांव के युवाओं ने पहल की और तीन लाख रुपये चंदा एकत्र पुस्तकें खरीदीं। आज यहां उपलब्ध पुस्तकों से ढिकौली ही नहीं बल्कि आसपास के 12 से ज्यादा गांवों के 250 युवा तैयारी कर रहे हैं।
गांवों के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए दिल्ली व गाजियाबाद जाना पड़ता था, जिसमें आने जाने में वक्त अधिक लगता था। साथ ही परिवारों की आर्थिक स्थिति भी इसमें समस्या थी। इसको देखकर गांव ढिकौली के युवाओं ने ग्राम सुधार समिति बनाई और गांव में चंदा एकत्र किया। इस मुहिम में ग्रामीणों ने भी साथ दिया और आर्थिक सहयोग दिया। ग्राम पंचायत ने भी पुस्तकालय के लिए प्रस्ताव पास कर जगह उपलब्ध कराई। इसके बाद गत वर्ष यह शुरू हो गया। पुस्तकालय में करीब 800 किताबों को रखा गया। आसपास के गांवों के छात्र-छात्राएं निशुल्क सुविधा ले रहे हैं।
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किताबों के साथ इंटरनेट और अन्य सुविधा भी
ढिक़ौली गांव में स्थित पुस्तकालय में ढिकौली, पांची, चमरावल, खैला, कहरका, ललियाना, पिलाना, खट्टा प्रहलादपुर, मंसूरपुर आदि गांवों के छात्र-छात्राएं सिविल सर्विस, पुलिस, शिक्षक, सेना, क्लर्क आदि की परीक्षाओं के लिए सुबह सात से रात बारह बजे तक तैयारी करते हैं। इनके लिए यहां इंटरनेट, कूलर, पंखे व जेनरेटर की सुविधा है।तो प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के अलावा साहित्य संबंधित पुस्तकें भी हैं।
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बोले विद्यार्थी, लाइब्रेरी से बड़ा फायदा मिला
ढिकौली निवासी छात्र विवेक पुस्तकालय में आठ घंटे पढ़ाई करके एसएससी की तैयारी कर रहे हैं। इनका कहना है कि यहां हर सुविधा उपलब्ध है। मंसूरपुर निवासी छात्र अंकित पिछले पांच महीने से सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले इसके लिए उन्हें दिल्ली जाना पड़ता था, लेकिन अब आने-जाने का समय बच जाता है और उस समय का सदुपयोग तैयारी में करते हैं। खट्टा प्रहलादपुर निवासी सन्नी का कहना है कि वह इस पुस्तकालय में दस घंटे की पढ़ाई कर यूपी व दिल्ली पुलिस की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें गाजियाबाद के गनौली में अपने मामा के यहां रहकर पढ़ाई करनी पड़ती थी।
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