बड़ौत (बागपत)। आचार्य श्री 1008 धर्मसागर महाराज नसिया कमेटी के तत्वावधान एवं उपाध्याय 108 गुप्तिसागर महामुनिराज के पावन सानिध्य में शनिवार को पंच कल्याणक महोत्सव आरंभ हुआ। नान्दी मंगल अनुष्ठान और व्रतदान विधि कराई गई। घटयात्रा से नगर श्रद्धामय हो गया। रथ यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरी, जिसका फूलों से स्वागत किया गया।
शनिवार की सुबह दिल्ली रोड पर नवनिर्मित श्री 1008 मुनि सुव्रतनाथ मज्जिनेंद्र जिन बिंब पंच कल्याणक महोत्सव शुरू हुआ। मंगल घट यात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सबसे आगे बैनर धर्म ध्वजा धर्म चक्र, बैंड बाजे, सोलह बोगियां, बाहुबली बोगी चल रही थी। बोगियों में इंद्र और इंद्राणियां विराजमान थे। पीत वस्त्रों में सिर पर घट रखकर इंद्राणियों के रूप में महिला श्रद्धालु भगवान का गुणगान करती हुई चल रही थी। घटयात्रा में भगवान के माता-पिता कृष्णा जैन-अशोक जैन, हाथियों पर यज्ञ नायक अनुज जैन व शालिनी जैन, कुबेर इंद्र व सौधर्म इंद्र के परिवार चल रहे थे। रथ में सारथी सौधर्म इंद्र पंकज जैन, श्रीजी के रथ में यज्ञ नायक अनुज जैन, चंवर डुलाते अनिल जैन, मुकेश जैन, राहुल जैन ने किया। रथ के आगे टीकमगढ़ की भजन मंडली के भजनों पर श्रद्धालु झूमते नाचते चल रहे थे। घट शोभा यात्रा दिगंबर जैन, बड़ा मंदिर से शुरू होकर गांधी चौक लोहिया बाजार ठाकुर द्वारा संजय मूर्ति, नेहरू मूर्ति, बाजार अतिथि भवन, डाकखाना रोड, भगवान महावीर मार्ग से होती हुई ए फील्ड स्थित राजगृही नगरी पहुंची।
इस तरह हुए कार्यक्रम
बड़ौत। घट यात्रा के बाद आयोजन स्थल पर धर्म ध्वजा सौरभ जैन, आजर्व जैन, मंडप उद्घाटन धनपाल जैन, सुधांशु जैन ने की। चित्र अनावरण, अखंड जोत तरश चंद, दीपक जैन ने की। समारोह गौरव धनकुमार, मोहित जैन, अमित जैन, राजीव जैन, नीरज जैन रहे। मंगल कलश स्थापना चक्रेश जैन, जिनवाणी स्थापना सुरेश, स्वागत राकेश जैन, सुदेश जैन, धनेंद्र जैन, रोहन जैन ने किया। उपाध्याय गुप्ति सागर महाराज ने भी आशीर्वाद प्रदान किया।
गर्भ कल्याणक का किया नाटकीय उत्सव
बड़ौत। यात्रा का जैन श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। सुभाष जैन के नेतृत्व में अतिथियों का स्वागत किया गया। शनिवार रात को भव्य आरती, शास्त्र सभा और गर्भकल्याणक नाटकीय उत्सव पूर्व रूप का आयोजन किया गया। सुखमाल चंद जैन, अनिल, कमल, आनंद, अमित, पवन, वीरेंद्र पिंटी, प्रवीण, गौरव, अजय सुनील, सिद्धार्थ राकेश आदिश मौजूद रहे।