बड़ौत। श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर नेहरू रोड में मंगलवार को आचार्य छुल्लक सागर महाराज के सानिध्य में चौसठ रिद्धि विधान का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम श्रीजी को पाण्डुक्षिला पर विराजमान किया गया। इसके बाद बारी-बारी से इंद्र नरेश जैन, कपिल जैन, आकाश जैन, रिशु जैन, राजीव जैन और सभी इंद्रों ने श्री शांतिनाथ और पार्श्वनाथ भगवान का अभिषेक किया। इसके बाद छुल्लक सहज सागर ने अपने मुख से शांति धारा कराई। साथ ही दैनिक पूजा की गई, जिसमें चौबीस भगवान बीस तीर्थंकर देव शास्त्र गुरु और अन्य की पूजा की गई। मांडले पर चारों कोने में 4 कलश स्थापित किए, जिसके बाद चौसठ रिद्धि विधान का आयोजन हुआ। इसमें सौधर्म इंद्र कपिल जैन, इंद्र विनय जैन, संयम जैन, अनिल जैन ने मांडले पर 64 अर्घ्य अर्पित किए। विधान छुल्लक सहज सागर ने ही कराया। इस अवसर पर जैनाचार्य ने बताया कि जीवन में साधुओं के दर्शन से जीवन में शीतलता आती है। वहीं जहां साधुओं का आना-जाना होता रहता है, वह धरती बड़ी भाग्यशाली होती है। कार्यक्रम को सफल बनाने में सत्येंद्र जैन, नरेश चंद जैन, कपिल जैन, राजीव जैन, अनिल जैन, विनय जैन, संयम जैन, गीता जैन, सुधा जैन, लता जैन आदि का सहयोग रहा।