-नगर के अजितनाथ सभागार में गुरु भक्ति और आरती की गई
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दशलक्षण पर्व के छठे दिन सोमवार को श्रद्धालुओं ने धूप दशमी पर्व मनाया। इस अवसर पर जैन संत आर्जव सागर महाराज के सानिध्य में उत्तम संयम धर्म की पूजा की गई। दशलक्षण महामंडल विधान का आयोजन किया गया।
शांतिधारा करने का सौभाग्य सौधर्म इंद्र राजेश जैन भारती को मिला। जैन संत आर्जव सागर महाराज ने संयम धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संयम का अर्थ है कि अपनी इंद्रियों, मन, वचन और शरीर को धर्म में लगाना चाहिए। संत ने आगे कहा कि संयम जीवन को रोकने के बजाए, उसे सही दिशा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि इंद्रियों को विषयों से रोकना और मन को विकारों से बचाना ही संयम की साधना है। शाम को गुरु भक्ति और आरती का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुकेश जैन, प्रदीप जैन, वरदान जैन, नवीन जैन, राकेश जैन, अनिल जैन और संजय जैन माैजूद रहे।