दोघट। चौगामा क्षेत्र को अलग से गन्ना सहकारी समिति बनाने की मांग अरसे से की जा रही है। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने वर्ष 2016 में क्षेत्र में सहकारी समिति बनाने की प्रक्रिया शुरू कराई थी, मगर शासन स्तर पर कार्रवाई न होने से फाइल अटकी हुई है।
बुढ़ाना गन्ना सहकारी समिति के पूर्व निदेशक सुखवीर राणा ने बताया कि चौगामा क्षेत्र के 12 गांव बुढ़ाना और 14 गांव दौराला समिति में लगते हैं। क्षेत्र के गन्ना किसान विकास शुल्क के नाम पर प्रतिवर्ष दो करोड़ रुपये से अधिक समितियों में जमा होते हैं। इसके बावजूद बीते 20 वर्षों से चौगामा क्षेत्र में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व गन्ना आयुक्त ने समितियों को क्षेत्र का विकास कराने का आदेश दिया था। इसके बावजूद जिले में आदेश लागू नहीं हो पाया है। पूर्व में निरपुड़ा व भड़ल गांव के रास्तों पर सडक़ का प्रस्ताव भेजा था। वह अभी तक पास नहीं हुआ है। बुढ़ाना समिति के सचिव ब्रिजेश राय का कहना है कि जब तक क्षेत्र विधायक जिला योजना में प्रस्ताव पास नहीं कराएंगे तब तक इन विकास कार्यों पर विचार नहीं किया जा सकता है। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने बताया कि 2016 में चौगामा क्षेत्र को अलग से गन्ना सहकारी समिति बनने की कार्रवाई शुरू की गई थी, लेकिन फाइल शासन स्तर पर अटकी हुई है। पांच वर्षों से प्रस्तावित गन्ना समिति की फ़ाइल लखनऊ में धूल चाट रही है।