पिछली योजना में ग्वालीखेड़ा ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
2015 में मुख्यमंत्री और 2019 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार से किया जा चुका सम्मानित
पूर्व प्रधान दीपक शर्मा की पत्नी सोनिया इस बार प्रधान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। जनपद मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर ग्वालीखेड़ा गांव विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। गांव में ओपन जिम, वॉलीबाल ग्राउंड, ग्राम पंचायत सचिवालय, सामूहिक शौचालय, श्मशान स्थल, पथ प्रकाश के लिए स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था है। इन्हीं कार्यों की वजह से इस ग्राम पंचायत को पिछली योजना में तीन-तीन पुरस्कार मिले चुके है। पूर्व प्रधान दीपक शर्मा की पत्नी सोनिया शर्मा इस बार प्रधान चुनी गईं हैं। उन्होंने भी पति की तरह गांव को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने के लिये खाका तैयार किया है।
वर्ष 2015 में ग्वालीखेड़ा गांव में दीपक शर्मा ग्राम प्रधान चुने गए थे। उनके प्रयास से वर्ष 2017 में गांव को खुले में शौच से मुक्त बनाने पर उन्हें मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी ने सम्मानित किया। वर्ष 2019 में गांव को मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना में टॉप पांच में चुना गया। वर्ष 2020-2021 में गांव को पंडित दीन दयाल उपाध्याय सशक्तिकरण पुरस्कार मिला। ग्रामीण प्रेम और विकास का कहना है कि गांव की हालत लगातार सुधर रही है। पहले गांव में कच्ची सड़क थी, पेयजल की समस्या रहती थी, लेकिन अब धीरे-धीरे विकास प्रगति पर है।
प्रधान का प्रोफाइल
नाम - सोनिया शर्मा
उम्र - 32 वर्ष
शिक्षा - बीएड
कार्य - समाजसेवा
राजनीतिक इतिहास - पहली बार चुनाव लड़ी और प्रधान बनीं
गांव की आबादी - 2200
ये है प्राथमिकताएं
1- सरकार की लाभकारी योजनाओं को पात्रों तक पहुंचाना
2- गांव में पेयजल टंकी का निर्माण कराना
3- तालाबों की खुदाई कराकर सुंदरीकरण कराना
4- स्कूलों में बच्चों को कंप्यूटरीकृत शिक्षा दिलाना
5- पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण कराना
गांव को विकास की गति देकर वह पति की तरह गांव को राष्ट्रीय स्तर सम्मान दिलाने के लिए कार्य करेंगी। इसके लिए तैयार चल रही है। कई कार्य भी कराए जा चुके है। - सोनिया शर्मा, प्रधान