बागपत। बेसहारा बच्चों को गोद लेने के लिए अब मथुरा व रामपुर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यहां वन स्टॉप सेंटर में दस बच्चों की इकाई शुरू की जाएगी और इसके लिए शासन से एक लाख रुपये का बजट भी आ गया है। केंद्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) से प्रक्रिया पूरी हो चुकी और अनुमति मिलने के बाद बच्चों को रखा जाएगा।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेसहारा बच्चों को रखने के लिए प्रदेश सरकार ने सिर्फ मथुरा व रामपुर में ही इकाई की स्थापित की है। अभी तक बेसहारा बच्चों को प्रोबेशन विभाग रामपुर व मथुरा में भेजता था। किसी व्यक्ति को बच्चा गोद लेना होता था तो उन्हें सरकारी संस्था मथुरा व रामपुर में जाना पड़ता था। ऐसे में आठ माह में प्रक्रिया पूरी होती थी। ऐसे में अधिकर लोग बच्चा गोद लेने से पीछे हट जाते थे।
मेरठ व सहारनपुर मंडल के जिलों की समस्या को देखते हुए बागपत में दस बच्चों की इकाई खोलने के लिए अनुमति मिल गई है। राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण इकाई की स्थापना के लिए केंद्रीय दत्तक-ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) से अनुमति अगस्त में मिल जाएगी। इसके बाद इकाई में छह वर्ष तक के बच्चे रखे जाएंगे। इनके रखने के लिए खिलौने, झूले आदि सामान के लिए एक लाख रुपये का बजट आ गया है और जल्द ही सामान खरीदा जाएगा। जिला प्रोबेशन अधिकारी मुशफेकीन ने बताया कि इकाई खोलने के लिए बजट मिल गया है जल्द ही सामान खरीदकर उसे शुरू कराया जाएगा।