बागपत। व्याघ्रप्रस्थ उत्थान अभियान के पदाधिकारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपकर बागपत का नाम बदलकर व्याघ्रप्रस्थ करने की मांग की। उन्होंने डीएम को बागपत के प्राचीन इतिहास के बारे में भी बताया।
व्याघ्रप्रस्थ उत्थान अभियान के पदाधिकारी सुभाष चंद शर्मा, इकबाल सिंह, नरेंद्र जैन, तेजपाल मुखिया, संदीप तोमर आदि ने बताया कि बागपत को मुगलकाल से पहले व्याघ्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था। यहां पर महर्षि वाल्मीकि ने अपना आश्रम बनाकर लव-कुश को शिक्षा दी। यह भूमि शेरों की भूमि रही है, इसका वर्णन इतिहास में भी किया गया है। इसके बाद महाभारत में भी बागपत को व्याघ्रप्रस्थ के नाम से जाना जाता था। उन्होंने मुख्यमंत्री से बागपत का नाम बदलकर व्याघ्रप्रस्थ कराने की मांग की।