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इकोनॉमिक कॉरिडोर ने काठा व टटीरी को बनाया मालदार

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किसान गौरव - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को बागपत के लिए आर्थिक, औद्योगिक आदि सभी तरह से बेहतर माना जा रहा है। इसके बनने से पहले ही बागपत के कई गांवों के किसान संपन्न हो गए हैं और यहां बहार आती दिखाई दे रही है। यहां के काठा, अग्रवाल मंडी टटीरी के किसानों को जमीन अधिग्रहण के बाद अभी तक एक अरब से ज्यादा का मुआवजा मिल चुका है। हालांकि अभी टीकरी, गांगनौली, गुराना ऐसे गांव हैं, जहां विवाद के चलते किसानों ने मुआवजा नहीं लिया है। वे पीछे रह गए हैं। हालांकि यहां के किसान भी अन्य गांवों की स्थिति को देखते हुए जल्द मुआवजा लेने के लिए कलक्ट्रेट पहुंचने लगे हैं।
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इन गांवों को मिला ज्यादा मुआवजा
-काठा गांव के 301 किसानों को मुआवजा मिलना था, जिनमें से 91 फीसदी मुआवजा ले चुके हैं। यहां एक अरब 16 करोड़ 90 लाख रुपये मुआवजा मिला है। हालांकि अभी दस करोड़ रुपये बकाया है।
-अग्रवाल मंडी टटीरी के 361 किसानों को मुआवजा मिलना है, जिनमें से 74 फीसदी को मुआवजा ले चुके हैं। यहां एक अरब तीन करोड़ 73 लाख रुपये मुआवजा मिला है। अभी 36 करोड़ रुपये बकाया है।
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-मवीकलां के 142 किसानों को मुआवजा मिलना था, जिनमें 72 फीसदी उठा चुके हैं। यहां 44 करोड़ 69 लाख रुपये मुआवजा मिला है। हालांकि अभी 17 करोड़ रुपये बकाया हैं।
इन गांवों को कम मिला मुआवजा
-टीकरी के 299 किसानों को मुआवजा मिलना था, जिनमें से अभी केवल 24 फीसदी ने लिया है। यहां नौ करोड़ 64 लाख रुपये मुआवजा मिला है और 30 करोड़ रुपये अभी बकाया हैं।
-गांगनौली गांव में 198 किसानों को मुआवजा मिलना था, जिनमें से केवल 32 फीसदी ने ही उठाया है। यहां आठ करोड़ 92 लाख रुपये मुआवजा मिला है और 18 करोड़ रुपये अभी बकाया हैं।
-इस तरह गुराना गांव में 49 किसानों को मुआवजा मिलना था, जिनमें से 36 प्रतिशत को मिला है। यहां छह करोड़ 79 लाख रुपये मुआवजा मिला है और 12 करोड़ रुपये बकाया है।
हमारी जमीन इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण की गई थी। जिसके लिए 62 लाख रुपये मुआवजा मिला है और इससे कुछ जमीन खरीदेंगे तो अन्य कोई कार्य किया जाएगा।-गौरव, किसान
जमीन इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए अधिग्रहण की गई थी, जिसका करीब 57 लाख रुपये मुआवजा मिला है। जमीन खरीदने के साथ ही अन्य कार्य में रुपये खर्च किए हैं।-शौकेंद्र, किसान
जिनकी जमीन का अधिग्रहण हुआ है, वे अधिकतर मुआवजा ले रहे हैं। गांगनौली, टीकरी में किसानों की कुछ समस्याएं थी, जिनका समाधान करा दिया है। किसान मुआवजा लेकर उसे अन्य कार्यों में लगा रहे हैं। यह सभी के लिए अच्छा है।-राजकमल यादव, डीएम

किसान शौकेंद्र- फोटो : BAGHPAT

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