रटौल। कस्बे से दिल्ली और गाजियाबाद जाने के लिए सीधी बसे नहीं मिलती। इस कारण लोगों को डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। लोगों ने कस्बे से दिल्ली और गाजियाबाद के लिए बसों का संचालन शुरू करने की मांग की है।
कस्बे और आसपास के गांवों के काफी लोग रोजाना दिल्ली और गाजियाबाद में नौकरी करने जाते हैं। जहां से दिल्ली और गाजियाबाद के लिए बसों का संचालन नहीं होने के कारण उनको आवागमन करने के लिए निजी वाहनों या फिर डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 साल पहले दिल्ली और गाजियाबाद जाने के लिए निजी बसों का संचालन होता था, लेकिन बाद में बंद हो गया। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई। उन्होंने बताया कि बसों का संचालन कराने के लिए कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं कराया जा सका।
इन गांवों के लोग है परेशान
कस्बे से दिल्ली और गाजियाबाद के लिए बसों का संचालन नहीं होने से लहचौड़ा, ढिकौली, गौना, पांची, सिंगौली तगा, खैला, सरफाबाद, विनयपुर, भगौट, पूरनपुर नवादा समेत अन्य गांवों के ग्रामीण परेशान है।
युवाओं और छात्रों को ज्यादा परेशानी
15 साल पहले बसों का संचालन होता था। जिससे क्षेत्र के गांवों से बड़ी संख्या में युवा दिल्ली गाजियाबाद पढ़ाई और नौकरी करने चले जाते थे। लेकिन बसों का संचालन बंद होने से छात्रों और युवाओं की परेशानी बढ़ गई। बृजलाल गांधी, रटौल
डग्गामार वाहनों में रहता है हादसों का खतरा
बसें नही होने से राहगीरों को डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। जिससे हादसे होने का खतरा बना रहता है। राहगीरों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। लोगों की सुविधा के लिए बसों का संचालन शुरू कराया जाए। प्रदीप प्रधान, लहचौड़ा
वर्जन-
रोडवेज बसों के संचालन की समस्या को देखते हुए जल्द ही जिलेभर में सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद जहां बसों की जरूरत रहेगी, वहां बसों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। भुवनेश्वर कुमार, एआरएम, बड़ौत डिपो।