- सरकार के कोरोना संक्रमण से मौत होने पर 50 हजार रुपये मुआवजे की घोषणा के बाद आए थे 125 से ज्यादा आवेदन
- प्रशासन के जांच कराने पर करीब 80 अभी तक सही मिलने पर मुआवजा दिया गया, अन्य की जांच अभी जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। स्वास्थ्य विभाग ने आंकड़े छुपाते हुए जिनकी कोरोना संक्रमण से मौत नहीं दिखाई थी, अब उनके परिजनों को सबूत दिखाने पर मुआवजा देना पड़ रहा है। सरकार के 50 हजार रुपये मुआवजा देने की घोषणा के बाद ऐसे 125 से ज्यादा मरने वालों के परिजन सामने आए है। सभी ने मेडिकल रिपोर्ट व मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर दावा किया, जिसकी जांच कराने के बाद प्रशासन को अभी तक ऐसे करीब 80 आश्रितों को मुआवजा देना पड़ा। अन्य के लिए जांच चल रही है।
कोरोना से मरने वालों के आश्रितों को 50 हजार रुपये का मुआवजा दिए जाने की घोषणा के बाद उसकी प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए शासन से केवल 141 लोगों की सूची भेजी गई थी। इसमें उनके नाम शामिल थे, जिनको स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण से पहली व दूसरी लहर में मृत दिखाया था। पहले इस सूची में कई ऐसे लोग मिले थे, जिन्हें जिंदा होने के बाद भी मृत दिखा दिया गया था। जब मुआवजे की घोषणा हुई तो 125 से ज्यादा लोग ऐसे सामने आए, जिन्होंने अपने परिजनों की कोरोना संक्रमण से मौत होने की बात कहते हुए मुआवजे का दावा कर दिया। इनमें अधिकतर ने कोरोना जांच रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य कागज भी लगाए थे। इनकी जांच शुरू कराई गई तो पता चला कि स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से मौत के आंकड़ों में खेल किया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौत काफी कम दिखाई थी। जिनके आवेदन आए थे, उनकी जांच के बाद दावा सही मिलने पर करीब 80 मृतकों के परिजनों को अभी तक मुआवजा दिया जा चुका है। अभी कई की जांच भी चल रही है और जिनकी कोरोना से मौत की पुष्टि होती रहेगी, उनके परिजनों को मुआवजा मिलता रहेगा।
मुआवजे के लिए ऐसे काफी आवेदन आए थे, जिनके नाम मृतकों की सूची में नहीं है। ऐसे करीब 125 के आसपास लोग है। उन सभी के आवेदन लेने के बाद जांच कराने के बाद सही मिलने पर मुआवजा देना शुरू कर दिया गया। इस तरह के करीब 80 मृृृतकों के परिजनों को अभी तक मुआवजा दिया जा चुका है। अमित कुमार, एडीएम