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ईंट पर महंगाई की मार पड़ी

Thu, 11 Jan 2018 01:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बागपत में संचा‌िलत ईंट भट्ठा। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एनजीटी की सख्ती और महंगाई की मार से मकान बनाना लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। भट्टों पर ईंट नहीं मिल रही है। पिछले एक माह में ईंट की कीमतों में एक हजार से अधिक रुपये की वृद्धि हुई है। अन्य भवन सामग्री के दाम में भी इजाफा हुआ है।
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दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को देखकर  एनजीटी ने ईंट भट्टों के संचालन पर प्रतिबंध लगा रखा है, इसलिए जनपद के करीब साढ़े चार सौ भट्टे बंद है। इसका नतीजा है कि भट्टों पर ईंट नहीं हैं।

जिन भट्ठों पर ईंट हैं। उनके संचालक मन माफिक ईंट के रेट वसूल रहे हैं। पिछले एक माह में ईंट के दाम में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा सीमेंट, बजरी, डस्ट, बालू और सरिया के रेट में भी बढ़ोतरी हुई है। लोगों को मकान बनाना मुश्किल हो गया है। 
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मेरठ रोड पर दुकानों का निर्माण करा रहे रवि चौहान ने बताया कि भवन सामग्री के रेट में अचानक ही इजाफा हुआ है। एक माह पहले उसको 3500 रुपये हजार ईंट मिली, अब उसको 4500 रुपये के रेट में बड़ी मुश्किल से ईट मिल रही है।

ईंट भट्टा मालिक अरविंद उर्फ बिल्लू राणा ने कहा भट्ठे चालू न होने से ईंटों की कमी हो रही है। इसी कारण ईंटों के रेट बढ़ रहे हैं। भवन सामग्री के विक्रेता सतीश कुमार कहना है कि सीमेंट और अन्य सामान के रेट में बढ़ोतरी हुई है, इस कारण ग्राहक भी नहीं आ रहे हैं। सहीं कहना सरिया विक्रेता बंटी मित्तल का है।
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निर्माण सामग्री के दामों में अंतर
सामग्री    पहले के रेट    अब के रेट
ईंट अव्वल    3000    4500
दोयम (नरम)    2700    4300
चटका    2200    2700
लाल पेटी    2000    2500
पिल्ली    1200    1400
सीमेंट    280-300    290-310
बजरी- डस्ट    80-85    95-100
नोट : ईट के रेट प्रति हजार, सीमेंट का प्रति बोरा, बजरी का प्रति कुंतल है।
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