बागपत के रमाला गांव के दो दिन से लापता चल रहे दलित युवक सतीश (32) का शनिवार को गांव के ही तालाब में शव मिलने से सनसनी फैल गई। उसके शरीर पर चार ईंटें रस्सी से बंधी हुईं थीं। लोगों का कहना है कि उसकी हत्या की गई है। घटना का किसी को पता न चले, इसलिए उसके शरीर पर ईंटें बांधकर शव को तालाब में डाला गया।
रमाला गांव के दलित राजपाल सिंह का बेटा सतीश मजदूरी करता था। बताया जाता है कि बृहस्पतिवार की सुबह वह घर से बाहर गांव में गया था। उसके बाद वापस नहीं लौटा था। देर रात तक इंतजार करने के बाद परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारी में उसकी खूब तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
शनिवार सुबह उसका शव गांव में ही तालाब में उतराता मिला। यह देख वहां से गुजर रहे लोगों ने शोर मचा दिया। मौके पर काफी लोग इकट्ठे हो गए। रमाला पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को तालाब से निकाला। मृतक के पेट और कमर पर चार ईंटें रस्से से बंधी हुईं थी। पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। लोगों का कहना है कि हत्यारों ने खुद को बचाने के लिए सतीश के शरीर पर चार ईंटें बांधकर शव को तालाब में फेंका है।
ताकि लाश तालाब में डूबी रहे और किसी को पता न चले। मृतक के पिता राजपाल सिंह का कहना है कि उनके बेटे की किसी ने हत्या की है। रमाला थाना प्रभारी सतीश चंद्रा का कहना है कि सतीश का शव रजवाहे से बरामद हुआ है। वह शराब पीता था। उसकी मौत कैसे हुई इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चलेगा।