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पढ़ाई छोड़कर घर में कैद हो गई थीं बेटियां, अब जीवनभर का दर्द मिला

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पिलाना सीएचसी में मौजूद पुलिस फोर्स - फोटो : BAGHPAT
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बागपत का तेजाब प्रकरण
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- जिस महिला से पढ़ने जाती थी बहनें, उसके बेटे की हरकतों से बचने को छोड़ी थी पढ़ाई
- घर से बाहर भी नहीं निकलती थी बहनें, अब तेजाब डालकर चेहरा व शरीर ही झुलसाया
- सिरफिरे की एक हरकत से बर्बाद हो गई दो बहनों की जिंदगी, ठीक करने में जुटे डाक्टर
संवाद न्यूज एजेंसी
बालैनी/बागपत। बालैनी थाना क्षेत्र के गांव में अपनी ही शिक्षिका के बेटे से परेशान होकर दो बहनों ने पढ़ाई छोड़कर घर के अंदर रहने लगी। करीब एक साल से दोनों बहनें घर से बाहर भी ज्यादा नहीं निकली थी। मगर, उनको नहीं पता था कि सिरफरा युवक घर तक भी उनका पीछा नहीं छोड़ेगा। युवक ने तेजाब से झुलसी दोनाें बहनों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया है।
परिजनों के अनुसार शिक्षिका का बेटा कई बार परेशान कर चुका था। इसके बारे में युवक के परिजनों से शिकायत तक की गई थी। इसके बाद भी युवक अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो परिजनों ने दोनों बहनों की पढ़ाई तक छुड़वा दी। इसके बाद दोनों बहनें घर में रहने लगी। वह घर से केवल बहुत जरूरी काम होने पर ही परिजनों के साथ बाहर निकलती थी। परिजन भी युवक के डर से उनको अकेले बाहर नहीं जाने देते थे। इसके बावजूद भी युवक बड़ी बेटी पर बात करने का दबाव बनाता रहा। बेटी ने बात करने से साफ इंकार कर दिया तो घर के अंदर ही घुसकर सिरफिरे युवक ने दोनों बहनों पर तेजाब डाल दिया। तेजाब से चेहरा और पैर, हाथ समेत अन्य कई अंग झुलस गए है। दोनों बहनों को सिरफिरे ने हरकत से जिंदगी भर का दर्द दे दिया। उनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और डाक्टर भी उनको बेहतर उपचार देने में जुटे है।
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लखनऊ तक गूंजा मामला तो गांव पहुंचे पुलिस अधिकारी
दो बहनों पर तेजाब डालने की घटना की गूंज लखनऊ तक पहुंची। लखनऊ से पूरी जानकारी जुटाते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद एसपी नीरज कुमार जादौन, एएसपी मनीष कुमार मिश्र भी गांव में छानबीन करने के लिए पहुंचे। लोगों से घटना को लेकर बातचीत की गई। इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। एसपी ने कहा कि पुलिस पूरी कार्रवाई कर रही है और पीड़ितों की हर संभव मदद की जा रही है।
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मेरठ के निजी अस्पताल ने दिखाई अमानवीयता
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद गंभीर रूप से झुलसी दोनों बहनों को मेरठ के निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस शिकायत के बिना उनका उपचार करने से इंकार कर दिया गया। उन्होंने हाथ पांव भी जोड़े, लेकिन चिकित्सकों ने एक नहीं सुनीं। इस पर परिजनों दोनों बेटियों को वापस लेकर आए और पुलिस को सूचना देने के बाद पिलाना सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
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