बड़ौत। माउंट लिट्रा स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम हुआ। इसमें सीओ ने कहा कि अपने साथ घटित होने वाली किसी भी अप्रिय घटना पर बेटियां चुप्पी न साधें, बल्कि खुलकर बोलें। चुप्पी साधने का मतलब है अपराध को बढ़ावा देना।
बृहस्पतिवार को कार्यक्रम का शुभांरभ मुख्य अतिथि सीओ सविरत्न गौतम, क्राइम इंस्पेक्टर बड़ौत वीरेन्द्र सिंह, महिला उप निरीक्षक इन्द्रा नेगी, स्कूल के डायरेक्टर बिजेन्द्र जैन, प्रधानाचार्य निशांत कुमार ने दीप प्रज्जवलित कर किया। सीओ सविरत्न गौतम ने कहा कि बेटियां आज किसी से कम नहीं हैं। वे सीमा पर देश की सुरक्षा भी कर रही हैं, साथ ही चंद्रयान को चंद्रमा पर भेजने के काम में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही हैं। जरूरत तो बस आत्मविश्वास की है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को बदनामी का भय दिखाकर कई बार उनका शोषण किया जाता है। अपराध सहने वाला भी अपराध करने वाले के बराबर दोषी होता है, इसलिए संकोच छोड़कर अपने ऊपर होने वाले अपराध के विरुद्ध आवाज उठानी आवश्यक है। सोशल मीडिया पर अपना फोटो शेयर न करें। अगर सोशल मीडिया पर फोटो यूज भी करना है तो कोई ग्रुप वाला या परिवार के साथ वाला फोटो शेयर करें।
सीओ ने कहा कि कोई अप्रिय घटना या छेड़छाड़ पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। छात्राओं की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर हैं। छेड़छाड़ की घटनाएं रोकने के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉयड का गठन किया गया है। अभिभावकों से छात्राओं को हर बात शेयर करनी चाहिए। किसी भी परेशानी की स्थिति को छिपाने के बजाए उसे खुलकर बताना चाहिए।
क्राइम इंस्पेक्टर वीरेन्द्र सिंह ने छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए कहा कि बेटियां बिल्कुल ना डरें, पुलिस हर कदम पर उनके साथ है। महिला उप निरीक्षक इन्द्रा नेगी ने कहा कि अंजान लोगों से बातचीत करने से बचना चाहिए। सोशल मीडिया पर भी अंजान लोगों से बातचीत न करें और अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें। उन्होंने छात्राओं को कानून की जानकारी दी। उनके अधिकारों और हेल्पलाइन नंबरों के विषय में बताया।
डायरेक्टर बिजेन्द्र जैन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से बेटियां भी जागरूक बनेंगी और वे समाज को जागरूक करने का काम करेंगी। प्रधानाचार्य निशांत ने कहा कि अपनी बात को निडर होकर कहना सीखें। जानकारी रखें और जागरूक रहे। कार्यक्रम का संचालन नीलम भारद्वाज, कोर्डिनेटर शानू कौशिक ने किया। इस अवसर पर महिला पुलिस कर्मी रीतू, मीडिया प्रभारी कुलदीप तोमर, शिक्षिकाओं में शबाना, आशुतोष, कोमल, कमल, कंचन अरोड़ा, दीपिका शर्मा, नीलू जैन शामिल रहे।
ये दिए टिप्स
1-छात्राओं को अगर कोई राह चलते परेशान करे तो 1090 या 112 पर कॉल करें। पुलिस मदद करेगी साथ ही पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
2-छात्राएं किसी भी बात को छिपाएं नहीं, घर में माता-पिता व अन्य परिजनों से परेशानी को साझा करें, जिससे उसका समाधान किया जा सके।
3-छात्राएं कानूनी अधिकारों की जानकारी रखें, क्योंकि जागरूकता जीवन में अहम होती है।
4-छात्राएं अपने फोन में हेल्पलाइन नंबरों के साथ ही पुलिस अफसरों और थाने का नंबर रखें, जिससे जरूरत पडने पर पुलिस की मदद ली जा सके।
ये बोली छात्राएं ...
- छात्रा कनक ने कहा कि कार्यक्रम में उपयोगी जानकारियां हासिल हुई। हेल्पलाइन नंबरों के विषय में पता चला है।
- छात्रा अनन्या ने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्राओं को जागरूक करने का अच्छा माध्यम हैं। छात्राओं को अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए
- छात्रा युविका ने कहा कि छात्राओं के सेलेबस में कानून की पढ़ाई भी अनिवार्य की जानी चाहिए। ताकि कानून की जानकारी रहे।
- छात्रा अनिका ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के विषय में जानकारी दी गई। उपयोगी जानकारी कार्यक्रम में मिली।