बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर रोशनी के लिए लगाई गई 500 से अधिक लाइटें बंद हैं। ऐसे में सफर कैसे सुरक्षित हो सकता है? लाइटें बंद रहने से अंधेरे में वाहनों की भिड़ंत से कई हादसे हो चुके हैं। कई लोगों की जान भी चली गई है। हाईवे पर लोगों का सफर सुरक्षित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अफसर ध्यान नहीं दे रहे।
हाईवे पर सभी सुविधाएं देने का वादा किया गया है मगर मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रहीं। हाईवे पर रात में रोशनी के लिए लगाई गई लाइटों में से करीब 500 से अधिक लाइटें बंद रहती हैं। इससे रात को सफर करने वाले वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है, जो रफ्तार पर होने के कारण भिड़ जाते हैं।
अब कोहरे का प्रकोप भी शुरू हो गया है तो ऐसे में लाइटें नहीं जलने के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वाहन चालकों ने हाईवे पर लाइटें नहीं जलने की वीडियो बनाकर भी कई बार अफसरों को भेजी, मगर समस्या का समाधान नहीं कराया गया। nजान जोखिम में डाल मिल में गन्ना पहुंचा रहे किसान : जिले की तीनों चीनी मिलें चल गई हैं और खेतों से गन्ना लेकर किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियों से मिलों में पहुंचा रहे हैं। कुछ किसानों के ट्रैक्टर ट्राॅलियों की लाइटें खराब होने के कारण हाईवे पर अंधेरे में ही सफर करना पड़ता है। ऐसे में आगे चल रहे वाहन के ब्रेक लगाने या सामने से वाहन आने पर हादसे भी होते रहते हैं।