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निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरा: बागपत में डेयरी संचालक के बेटे की मलबे में दबकर मौत, दूसरा घायल; आठ पशु भी दबे

Sat, 10 Jan 2026 09:10 PM IST
राहुल तिवारी संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ

सार

बागपत जिले के मोहल्ला पठानकोट में निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरने से डेयरी संचालक इशाक के बेटे वसीम की मौत हो गई। दूसरा बेटा इमरान घायल हो गया। मलबे में आठ पशु दब गए, जिनमें से सात को बचाया गया। वहीं एक की मौत हो गई।
 
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मकान का लिंटर गिरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बड़ौत नगर में मोहल्ला पठानकोट में शनिवार शाम को निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरने से डेयरी संचालक इशाक के बेटे वसीम (22 वर्ष) की मलबे में दबकर मौत हो गई। दूसरा बेटा इमरान भी घायल हो गया, जिसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। मलबे में आठ पशु भी दब गए तो इनमें से सात को निकाल लिया गया और एक की मौत हो गई।

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मोहल्ला पठानकोट में रहने वाले डेयरी संचालक इशाक के मकान के करीब डेढ़ सौ वर्ग मीटर के हिस्से का निर्माण चल रहा है। उसका शनिवार दोपहर को लिंटर डाला गया था। लिंटर डालने का काम पूरा होने पर उसके नीचे ही पशुओं को बांध दिया गया। वहां शाम को इशाक का छोटा बेटा वसीम भैंस का दूध निकाल रहा था। तभी भैंस की टक्कर से बल्ली गिर गई और तख्ते निकलकर गिरने लगे। वसीम वहां से निकलकर भागता, तब तक भरभराकर लिंटर गिर गया।

लिंटर के नीचे ही बाहरी तरफ वसीम का भाई इमरान भी खड़ा था। यह दोनों लिंटर के मलबे के नीचे दब गए तो आठ मवेशी भी मलबे में दब गए। लिंटर गिरने पर आसपास रहने वाले लोग उनको बचाने के लिए दौड़े और मलबा हटाने लगे। मलबे से वसीम व इमरान को निकालकर निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां वसीम को मृत घोषित कर दिया गया। इमरान का उपचार किया जा रहा है।
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मलबे में दबे आठ पशुओं में एक पशु की मौत हो गई और सात को बाहर निकालकर बचा लिया गया। बड़ौत कोतवाली पुलिस भी वहां पहुंच गई और घटना की जानकारी ली। इसके अलावा मलबे को हटवाकर देखा गया कि अन्य कोई तो उसके नीचे नहीं दबा है। जांच अधिकारी मनोज कुमार चहल ने बताया कि लिंटर गिरने से हादसा हुआ है। इसकी जांच की जा रही है। 

लिंटर गिरने की तेज आवाज सुनकर लोग अपने घरों से बाहर आ गए। जब शोर मचा कि मलबे के नीचे ही वसीम व इमरान दबे हैं तो उनको बचाने के लिए हर कोई आगे आया। जिसको भी पता चला और वह दूर था तो वह भी दौडक़र बचाव के लिए पहुंच गया। इस तरह हर किसी ने मदद के लिए कदम बढ़ाया।

इशाक ने बताया कि उसके चार बेटे वसीम, इमरान, इरफान, गुलफाम थे और अब इनमें से वसीम की मौत हो गई। उसने कहा कि अगर थोड़ा भी आभास होता कि इस तरह का हादसा हो सकता है तो वह बेटे वसीम को दूध निकालने नहीं भेजते।

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