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Cyber Fraud: बड़ौत के युवक दुबई में बैठकर चला रहे साइबर ठगों का गिरोह, आठ सदस्य गिरफ्तार

Wed, 01 Oct 2025 09:42 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

बागपत के गायत्रीपुरम कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त सैनिक विजय कुमार से सात लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया। जांच में पता चला कि बड़ौत के पांच युवक दुबई से साइबर ठग गिरोह चला रहे थे। आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

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- फोटो : social media
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विस्तार
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बागपत शहर के गायत्रीपुरम कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त सैनिक विजय कुमार को डिजिटल अरेस्ट कर सात लाख रुपये की ठगी की घटना का कनेक्शन दुबई से जुड़ा मिला। इसमें बड़ौत के पांच युवक मोहित जैन, रमन, वकार, फैजान और शुभम कुंडू दुबई में बैठकर साइबर ठगों के गिरोह को चला रहे हैं। इनमें मोहित जैन सरगना है। यहां काम करने वाले इस गिरोह के आठ आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

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बागपत के गायत्रीपुरम कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त सैनिक विजय कुमार ने अप्रैल में डिजिटल अरेस्ट कर सात लाख रुपये की ठगी करने का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पुलिस ने अर्जुन निवासी गाजियाबाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट की घटना में बड़ौत के युवकों का नाम प्रकाश में आया।

पुलिस टीम ने आरिफ निवासी पट्टी चौधरान, हर्ष गोयल, ललित, उज्ज्वल गोयल निवासी नेहरू मार्ग, आसिफ, आमिर निवासी बावली मार्ग, तुषार निवासी गांधी मार्ग राम कॉलोनी, विशु तोमर निवासी हिलवाड़ी को गिरफ्तार कर लिया। 
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पूछताछ में आरोपियोंं ने बताया कि पॉलीटेक्निक की पढ़ाई के दौरान सभी की दोस्ती हो गई थी। इसके बाद मोहित जैन के साथ मिलकर साइबर ठगी की योजना बनाकर ठगी करने लगे। एसपी ने बताया कि मोहित जैन, रमन, वकार, फैजान और शुभम कुंडू दुबई में रहकर पूरे गिरोह का संचालन कर रहे हैं। देश के अलग-अलग राज्यों से ठगी गई रकम ऑनलाइन गेमिंग एप से दुबई भेजी जाती है और उसको वापस मंगवाकर आपस में बांट लेते थे। गिरोह के सदस्यों ने कोलकाता पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति से 1.75 करोड़ रुपये की ठगी की। इनके अलावा मऊ, बिहार, तमिलनाडू, दिल्ली के लोगों से भी ठगी की। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उनको जेल भेज दिया।

12वीं पास साइबर ठगों ने खरीदे आईफोन, गाड़ियां और जेवर
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि साइबर ठगों के गिरोह में शामिल सदस्य 12वीं पास हैं तो कुछ पॉलीटेक्निक किए हुए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दुबई में रहने वाला मोहित जैन मास्टरमाइंड है। उसने लोगों का बैंक खाता खुलवाकर डिटेल व्हाट्सएप पर मंगवाई। इसके बाद उन्होंने डिजिटल अरेस्ट, टेलीग्राम पर टास्क देकर, निवेश कराने के बहाने और ऑनलाइन गेमिंग बेटिंग एप से ठगी शुरू कर दी।

बैंक खाते ब्लाॅक होने पर आरिफ के खाते में रुपये मंगवाए। इस बीच ही विशु तोमर, उज्ज्वल, आमिर और आसिफ को भी गिरोह में शामिल कर लिया। दुबई से उन्हें नई-नई वेबसाइट, कॉलिंग डाटा मिलता था और देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों के साथ साइबर ठगी की घटना करने लगे। साइबर ठगों ने ठगी की रकम से अपने शौक पूरे किए। इसमें उन्होंने आईफोन, लग्जरी गाड़ियां, जेवर समेत अन्य सामन खरीदे। पुलिस ने साइबर ठगों के पास से दस आईफोन, थार गाड़ी, महिंद्रा पिकअप गाड़ी, फर्जी सिमकार्ड, 19 एटीएम कार्ड, सोने-चांदी की अंगूठी, लॉकेट समेत अन्य जेवर बरामद किए।

ठगी की रकम का दुबई से वापस आने पर होता था बंटवारा
एसपी ने बताया कि टेलीग्राम पर लोगों को अच्छा बोनस देकर भी फंसाया जाता था। उन्होंने बताया कि साइबर ठग ऑनलाइन गेमिंग एप व वेबसाइट बनवाने के लिए दुबई जाते थे, क्योंकि भारत में इनपर प्रतिबंध है। इसमें फैजान और शुभम कुंडू भी उनके लिए दुबई से काम करते थे।

इस दौरान ही इन्होंने इमरान के खाते में भी रुपये मंगवाए गए। साइबर ठगों ने बताया कि देशभर में अलग-अलग राज्यों से ठगे गए रुपये ऑनलाइन गेमिंग एप से दुबई भेजने के बाद वापस मंगवाए जाते थे। इसके बाद ही रकम का बंटवारा किया जाता था।
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ज्यादा रुपये वाले को कर देते हैं ब्लॉक
साइबर ठगों ने पूछताछ में बताया कि ऑनलाइन गेमिंग एप पर लोगों को लालच दिया जाता है। ऐसे में मोटी रकम एप में लगाने वालों को ब्लाॅक कर ठगी कर रहे थे। भारत में गेमिंग एप प्रतिबंधित होने के कारण शिकायतों पर कार्रवाई भी नहीं होती है।

दुबई में बैठे सरगना व अन्य को पकड़ना चुनौती
इस पूरे मामले में पुलिस के सामने बड़ी चुनौती यह है कि यह ठगी का पूरा गिरोह दुबई में बैठकर चलाया जा रहा है। वह यहां नए-नए युवकों को गिरोह से जोड़ते हैं। ऐसे में गिरोह को चलाने वालों को दुबई से पकड़ना चुनौती है।
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