विद्युत निगम के अफसरों द्वारा विद्युत आपूर्ति मेें की जा रही अघोषित कटौती से नगरवासियों में हाहाकार मचा हुआ है। लोग बेहाल हैं और अफसर लापरवाह। मुख्यमंत्री के नगर में 20 घंटे विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश है।
दो माह से नगर में विद्युत निगम के अफसरों द्वारा अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है, जिस कारण विद्युत समस्या को लेकर लोगों मेें हाहाकार मचा हुआ है। मुख्यमंत्री के आदेश हैं कि नगर में 20 घंटे विद्युत आपूर्ति दी जाए, लेकिन यहां के लोगों को मुश्किल से 8-9 घंटे ही विद्युत सप्लाई मिलती है।
विभागीय शेड्यूल के मुताबिक रात 2 बजे से 4 बजे तक व दिन में 2 बजे से 4 बजे तक रोस्टिंग का समय निर्धारित किया गया है, लेकिन यहां पर तो अधिकांश समय पावर कट ही रहता है। बिजली कब आएगी और कब जाएगी कुछ तय नहीं।
यदि लोग बिजलीघर पर तैनात एसएसओ व जेई से विद्युत आपूर्ति के संबंध में बात करते हैं तो उन्हें यह कहकर टरका दिया जाता है कि जितनी सप्लाई आ रही है उतनी दी जा रही है। आपूर्ति सुचारु करने की कोशिश जारी है।
जनता की समस्याओं का ध्यान रखा जा रहा है। उधर, अंधाधुंध विद्युत कटौती से लोगों के घरों में रखे विद्युत उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। इतना ही नहीं बिजली जाने के बाद घर में रखे वैकल्पिक साधन इनवर्टर व अन्य भी जवाब दे रहे हैं।
लोग गुस्से में हैं। इस संबंध में एक्सईएन द्वितीय राकेश कुमार ने बताया कि शासनादेशों का पालन किया जा रहा है। यदि फिर भी कोई कर्मचारी सप्लाई मेें बाधा डालने का काम करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।