बड़ौत। बरसात के चलते नो केन घोषित होने के 36 घंटे बाद सोमवार को मलकपुर चीनी मिल में पेराई शुरू हुई। इससे किसानों ने राहत की सांस ली। हालांकि क्षेत्र के अधिकतर गन्ना क्रय केंद्रों पर जलभराव के चलते तौल बंद रही। जिस कारण गन्ना क्रय केंद्र से जुडे़ किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बीते तीन दिन तक रुक-रुककर हुई बारिश के चलते मलकपुर व रमाला चीनी मिलों में पेराई बंद करनी पड़ी। दोनों मिलों को नो केन घोषित कर दिया गया था। मिल बंद होने से हजारों किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सोमवार को मौसम साफ होने के बाद आखिकार 36 घंटे बाद मलकपुर चीनी मिल को चालू किया गया। उधर, मिल के चालू होने पर इससे जुडे़ किसान गन्ना लेकर पहुंचे। इससे उन्होंने राहत की सांस ली।
बढ़ी किसानों की समस्याएं
भले ही दोनों चीनी मिलों को चालू कर दिया गया है परंतु देहात स्थित अधिकतर गन्ना क्रय केंद्रों पर जलभराव के चलते तौल बंद रही। जिस कारण क्रय केंद्रों पर गन्ना लेकर पहुंचे किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ा। किसान विपिन, देवेंद्र, राजकुमार, बलवीर का कहना है कि खेतों में गन्ना छिला पड़ा है, लेकिन तौल बंद होने से उसे केंद्रों तक नहीं ले जा पा रहे हैं। इससे उनका गन्ना खराब हो रहा है। उन्होंने तौल बंद रहने पर नाराजगी जताई तथा इसे जल्द से जल्द शुरू कराने की मांग उठाई।