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खेकड़ा के जंगल मे एक सप्ताह से ठप्प पडी बिजली आपूर्ति को लेकर किसानो ने जताया विरोध, पानी के बगैर फसले हो रही है बर्बाद

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संवाद न्यूज एजेंसी
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खेकड़ा। एक सप्ताह पूर्व आई तेज आंधी में बिजली के खंभे और तार टूटने से आपूर्ति ठप हो जाने के कारण किसानों के नलकूप ठप हैं। इससे उनकी फसलें सूखने के कगार पर हैं। किसानों ने विरोध जताकर विद्युत निगम के अधिकारियों से आपूर्ति सुचारु कराए जाने की मांग की।
एक सप्ताह पूर्व बारिश के साथ आई तेज आंधी में जंगल में दर्जनों पेड़ और विद्युत खंभे गिर गए थे। इस कारण ग्राम बंदपुर, सिकंदरपुर, चमरावल समेत देहात क्षेत्र के कई फीडरों की विद्युत लाइनें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इन फीडरों से जुड़े खेकड़ा निवासी दर्जनों किसानों के नलकूपों की आपूर्ति ठप हो गई थी। एक सप्ताह बीतने के बावजूद आपूर्ति सुचारु नहीं हुई है। इससे खेकड़ा के जंगल के साथ ही बड़ागांव, मुबारिकपुर, फखरपुर, नंगलाबड़ी आदि गांवों के किसानों के खेतों में खड़ी गन्ना, चारा, सब्जी आदि की फसलें सूखने लगी हैं।
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इससे आक्रोशित किसानों ने शनिवार को ऊर्जा निगम के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी पड़ रही है। पानी के अभाव में उनकी फसलें सूख रही हैं। इसके बावजूद लाइनें दुरुस्त कराकर आपूर्ति चालू नहीं कराई गई। उन्होंने अधिकारियों से क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त कराकर नलकूपों की आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है। इस दौरान जयवीर सिंह, जगशरण धामा, संजीव, संदीप धामा, अनुज धामा, मुकेश, राजू, प्रवीण धामा, सुनील कुमार, जितेंद्र कुमार, राममेहर आदि किसान मौजूद रहे। वहीं, ऊर्जा निगम के एसडीओ संजय कुमार का कहना है कि क्षतिग्रस्त लाइनें शीघ्र दुरुस्त कराकर आपूर्ति चालू कराई जाएगी।
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