रंछाड़ गांव में बाइक पर सवार दो युवकों ने एक की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। बाइक खेत में फंस जाने पर हत्यारोपी बाइक छोड़कर भाग गए। सूचना पर पहुंची पुलिस को तीन घंटे तक परिजनों ने शव नहीं उठाने दिया। एएसपी के आश्वासन पर शव पुलिस को सौंपा। दो लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गांव रंछाड़ निवासी प्रेमपाल (25) पुत्र हरगुलाल कश्यप मंगलवार की सुबह सात बजे जंगल में शौच करने गया था। लौटते वक्त रास्ते में बाइक सवार दो युवक ने उसे घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया । उसके शरीर में पांच जगह छाती और पैर में गोलियां लगी हैं।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो परिवार की महिलाओं और पुरुषों ने शव को नहीं उठाने दिया और मांग की कि जब तक हत्यारोपी नहीं पकड़े जाते शव पुलिस को नहीं सौंपेंगे। सूचना पर एएसपी अजीजुल हक और सीओ बागपत कर्मवीर मौके पर पहुंचे और उन्होंने आरोपियों के घर दबिशें दिलाई, लेकिन हत्यारोपी हाथ नहीं लगे। बाद में एएसपी के आश्वासन पर तीन घंटे बाद पुलिस को शव सौंपा।
लिस ने हत्यारोपियों द्वारा छोड़कर भागे बाइक कब्जे में ली और मौके से 315 और 312 बोर के दो खोखे भी बरामद किए हैं। पिता हरगुलाल कश्यप ने गांव के ही सुशील, लोकेश पुत्र हंसराम के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। इस संबंध में बिनौली थाना प्रभारी नरेश चंद आजाद ने बताया हत्या में अभी तक दो पहलू सामने आए हैं, आरोपियों के पकड़े जाने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिवार का बुरा हाल ः बड़ौत। प्रेमपाल अविवाहित था। उसकी हत्या के बाद उसकी मां पाली, बहन ममता, छोटा भाई कंवर पाल और देवा, भाभी पूनम बेहोश हो होकर गिर रहे थे।
अवैध संबंध तो कारण नहीं
बड़ौत। प्रेमपाल की हत्या के पीछे एफआईआर में जो दर्शाया गया है, उसमें छह साल पहले वह नामजद किए गए हत्यारोपियों के परिवार की एक युवती को भगा ले गया था। इस मामले में वह जेल भी गया था।
बाद में सामाजिक तौर पर इस मामले में फैसला भी हो गया था, लेकिन गांव के लोगों का कहना है कि यह मामला तो खत्म हो गया था। मगर, प्रेमपाल के फिर हत्यारोपियों की परिवार की महिला से अवैध संबंध हो गए थे, इसके चलते कई माह से उस महिला को उन्होंने अपने मायके भी भेज दिया था। इस हत्या के पीछे यही कहानी बताई गई है।