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पल्ला क्यों झाड़ते रहे जेल के अफसर

Wed, 06 Dec 2017 01:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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जिला कारागार में छापामार कार्रवाई करके आते अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जेल में मोबाइल चलाने की हर सूचना पर जेल अफसर इंकार करते रहे हैं। कमिश्नर तक मामला पहुंचा तो पोल खुली। कुख्यात सुनील राठी ने बागपत जेल से ही रुड़की के चिकित्सक से रंगदारी मांगी, इसका मुकदमा दर्ज हुआ। राठी की मां राजबाला चौधरी भी रुड़की जेल में बंद है।
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बागपत की तहसील खेकड़ा के गांव अब्दुलपुर में 16 जून 2016 को जेल का उद्घाटन हुआ । इसके बाद  मेरठ जेल से बागपत में बंदियों को शिफ्ट किया गया । जेल में बंदियों की क्षमता 660 है। इसके सापेक्ष यहां पर करीब साढ़े 850 बंदी हैं। यहां पर रहकर अपराधी अपने गैंग चला रहे हैं। मोबाइल का भी खूब इस्तेमाल करते हैं। अफसरों के पास खूब शिकायत पहुंची, लेकिन इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। पिछले माह जेल से सुनील राठी ने  रुड़की के डॉ. एनडी अरोड़ा से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। मामला सुर्खियों में आया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया और मेरठ कमिश्नर के निर्देश पर अफसरों ने छापामारी की तो जेल की पोल खुल गई।
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केस 1
सोनू काठा ने जेल से किसान को धमकाया
 बागपत। मवी कलां गांव के किसान श्रीभगवान ने जेल में बंद सोनू काठा पर 29 नवंबर की रात में फोन पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली में शिकायत की। उसकी तहरीर पर 30 तारीख को आरोपी सोनू समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज  किया गया।    केस 2 केस में समझौता करने की धमकी भी दी गई
बागपत। शेरपुर लुहारा गांव के दो भाई विकास और पप्पू की गर्दन काटकर हत्या करने के मामले में जेल में बंद अमरपाल ने उसके परिवार पर समझौता का दबाव बनाया । पीड़ितों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ । बाद में उसको दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया।


अब जेलर बोले, स्टाफ कम, वह क्या करें
बागपत। जेल में सब कुछ ओके होने का दावा करने वाले जेल प्रबंधन के दावों की पोल खुल गई है। जेल से रुड़की में पुलिस ने पूछताछ की जा चुकी है। स्मार्ट फोन मिलने के बाद जेलर का कहना है कि जेल में स्टाफ की कमी है। 132 बंदी रक्षक के स्थान पर मात्र 28 की तैनाती है। न यहां पर जैमर लगा है और न ही पीसीओ।
  मोबाइल से खुलेगी अपराधियों की पोल
बागपत। जांच के दौरान जेल से बरामद मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। इनमें से एक मोबाइल की सिम निकली हुई है। मोबाइल नंबर और कॉल डिटेल के आधार पर अपराधी का पता चलेगा। मोबाइल से किस-किस से बात हुई है। जल्द ही पूरी जानकारी मिल जाएगी और अपराधी बेनकाब होंगे।
  अपराधियों ने बैरक से फेंक दिए थे मोबाइल
बागपत। अफसरों के पहुंचते ही जेल में अफरा-तफरी मच गई। बंदियों ने अपने मोबाइल बाहर फेंक दिए थे। एसपी ने कहा मोबाइल बैरक से नहीं मिले हैं। बरामद मोबाइलों की जांच की जा रही है। मोबाइल से मिलने वाली वाइस रिकॉर्डिंग की लैब भेजकर जांच कराई जाएगी।
  फंस सकते हैं जेल के अफसर और कर्मचारी 
बागपत। इस मामले की जांच हुई तो जेल के अफसर और कर्मचारी फंस सकते हैं। जेल में मोबाइल, चाकू और अन्य प्रतिबंधित सामान कैसे पहुंचा। इसका जवाब किसी के पास नहीं है। मेरठ के एडीएम सत्यप्रकाश पटेल ने कहा मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। उधर, जेलर बीएन मिश्रा ने बताया कि पिछले दिनों एक बंदी की हालत बिगड़ी तो उसे अस्पताल ले जाया गया। बाद में उसके पेट में से मोबाइल मिला था। 
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