कोतवाली क्षेत्र में सितंबर माह में हुए इकराम उर्फ मोटा और सचिन की हत्या के केस का पुलिस खुलासा तो दूर कातिलों का भी पता नहीं लगा पाई है। परिजन ने केस के खुलासे के लिए खूब हंगामा किया, लेकिन हंगामा बेसर साबित हुआ।
बागपत के केतीपुरा मोहल्ला निवासी गन्ना क्रेशर संचालक इकराम उर्फ मोटा 22 सितंबर की रात अपने मकान के आंगन में सोया हुआ था। सुबह करीब तीन बजे परिजन उठे तो उन्हें इकराम चारपाई पर नहीं मिला था।
तलाश करने पर उनका शव मकान से करीब आधा किलोमीटर दूर यमुना खादर में गोली लगा मिला था। अज्ञात में कोतवाली पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने एसपी दफ्तर पर हंगामा कर केस के खुलासे की मांग की। पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ भी की।
इसी तरह गाधी गांव का युवक सचिन सात सितंबर को घर से बाहर गया था। उसके बाद वह घर नहीं लौटा था। अगले दिन उसका गोली लगा शव गांव के पास खेत में पड़ा मिला था। परिजनों ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने केस के खुलासे के लिए कलक्ट्रेट पर कई दिन तक धरना-प्रदर्शन भी किया।
पुलिस ने गांव के 12-14 लोगों को थाने पर लाकर पूछताछ भी की। लेकिन पुलिस दोनों ही केस में अभी तक खाली हाथ है। हत्यारों को पकड़ना तो दूर उनका पता भी नहीं लगा पाई है। मृतक के परिजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कोतवाली प्रभारी मुकेश कुमार का कहना है कि इकराम और सचिन की हत्या के खुलासे का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही दोनो केसों का खुलासा कर दिया जाएगा।