एमबीए की परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा
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बागपत। विशिष्ट बीटीसी की भर्ती में बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी पाने के मामले में गिरफ्तार कि गए तीन आरोपियों को मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। वहां से उनको जेल भेज दिया गया है।
विशिष्ट बीटीसी 2004 में हुई भर्ती में जिले के 16 अभ्यर्थी बीएड की फर्जी डिग्री के आधार पर भर्ती हो गए थे। शिकायत मिलने पर वर्ष 2008 में कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। केस की विवेचना भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ कर रही है। केस के तीन आरोपी वीरेंद्र पुत्र मलखान निवासी ढोढरा, विपिन पुत्र कृष्णपाल निवासी अग्रवाल मंडी टटीरी और सतेंद्र पुत्र धर्मसिंह को सोमवार शाम एंटी करप्शन की टीम ने शहर के मेरठ रोड से गिरफ्तार कर कोतवाली ले आई थी। पकड़े गए आरोपियों को मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। वहां से उनको जेल भेज दिया गया है। केस के सात आरोपी अभी फरार चल रहे हैं। उनके मकान की कोर्ट से कुर्की के आदेश हो गए हैं। अफसरों ने कहा कि जल्द ही उनके मकान की कुर्की कर दी जाएगी।
तीन जालसाजों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
बागपत। एसबीआई बैंक में 32.60 लाख रुपये का फर्जी चेक जमा करने के मामले में पकड़े गए तीन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है। विवेचना में सामने आए दो और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। एसबीआई बैंक की शहर में स्थित शाखा में करीब छह माह पूर्व 32.60 लाख रुपये का चेक जमा किया गया था। जांच के दौरान चेक फर्जी पाया गया था। बैंक मैनेजर ने कोतवाली में चेक जमाकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। केस की विवेचना के आधार पर पुलिस ने गौसपुर गांव के रिजवान, शौभापुर गांव के सुदीश उर्फ राजा और गुलशन मलिक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। केस की विवेचना के आधार पर पुलिस ने दो और लोगों को आरोपी बना लिया है। पुलिस उनको पकड़ने के प्रयास में लगी हुई है। केस के विवेचक नदीम असगर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर कोर्ट में दाखिल कर दिया है गया। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिशें दी जा रही है।