दोघट। गांगनौली गांव के खूनी कांड को अंजाम देने के आरोप में जेल में बंद धनौरा गांव की प्रधान के पति सहदेव समेत तीन लोगों को पुलिस ने आरोपी माना है। पुलिस ने उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया। जल्द ही उसे कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा।
गांगनौली गांव में दस अक्तूबर को महिला सविता, उनकी बेटी प्रीति, पिता मांगेराम और उनकी सुरक्षा में लगे पीएसी के एचसीपी राकेश शर्मा और पुलिस लाइन के सिपाही विजय कुमार की हत्या की और पीएसी का सिपाही प्रताप बेहोशी की हालत में मिला था। उसकी एसएलआर लूटी। इससे क्षेत्र में सनसनी फैली गई थी। मृतका सविता के बेटे पंकज ने गांगनौली गांव के प्रवीण राठी (मोस्टवांटेड रहे प्रमोद के भाई), अंकुर पुत्र राजवीर, अंकुर पुत्र मनोज और सिरसली गांव निवासी सतेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
एडीजी (क्राइम) अभय कुमार प्रसाद ने गांव में पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था। पुलिस ने 24 अक्तूूबर को सोनीपत के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कबीरपुर मोहल्ला निवासी पंकज मान पुत्र जगदीश मान, गन्नौर थाना क्षेत्र के गांव अगवानपुर निवासी हरीश पुत्र रामदिया को मुठभेड़ में पकड़ा था। साथ ही दोघट क्षेत्र के धनौरा गांव की प्रधान के पति सहदेव को गिरफ्तार कर केस का खुलासा किया था।
पुलिस ने दावा किया था कि सहदेव ने वारदात की साजिश रची है। तभी से आरोपी जेल में बंद है। पुलिस केस की विवेचना कर रही थी। पुलिस ने जेल में बंद पंकज मान, हरीश और सहदेव को केस का आरोपी माना। दोघट थानाध्यक्ष सुरेंद्र नाथ ने कहा इस केस में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार हो गई है। जल्द ही उसे कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा।
प्रवीण गांगनौली समेत चार को क्लीन चिट
बागपत। पुलिस के मुताबिक केस में नामजद गांगनौली निवासी प्रवीण राठी, अंकुर पुत्र राजवीर, अंकुर पुत्र मनोज और सिरसली निवासी सतेंद्र तोमर घटना में शामिल नहीं रहे हैं। इसलिए उनको क्लीन चिट दी गई है।