बागपत। सूजरा गांव की विवाहिता पूजा की हत्या के केस में तत्कालीन सीओ ने विवेचना के आधार पर चार आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। पीड़ित परिजनों ने सेटिंग से केस से नाम निकालने का आरोप लगाकर अफसरों से शिकायत की। इस मामले को एसपी अजय शंकर राय ने गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर दोबारा विवेचना शुरू हो गई है।
फैजुल्लापुर गांव की युवती पूजा की शादी गांव सूजरा के युवक संजीव के साथ हुई थी। दो सितंबर 2016 की रात पूजा की गर्दन रेत कर हत्या कर दी। मृतका के ससुर राजपाल ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई । बाद में पूजा के चाचा अशोक ने आरोपी ससुरालियों पर दहेज के लिए पूजा की हत्या करने का आरोप लगाया है। उनकी शिकायत पर पूजा के आरोपी पति संजीव, ससुर राजपाल, सास कांता, जेठानी नीतू, जेठ राजीव और मनोज और ननद शशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने तीन आरोपी संजीव, राजपाल और कांता को गिरफ्तार कर जेल भेजा। अन्य आरोपी फरार चल रहे हैं। तत्कालीन सीओ ने विवेचना के आधार पर जेल गए तीनों आरोपियों को ही आरोपी मानकर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। अन्य चारों आरोपियों को क्लीन चिट दे दी। पता चलते ही पूजा के मायके वालों ने पुलिस अफसरों से शिकायत की। एसपी अजय शंकर ने मामले को गंभीरता से लेकर दोबारा से विवेचना करने के निर्देश दिए। सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय ने कहा केस की दोबारा विवेचना शुरू कर दी।
रंगदारी के केस की भी होगी दोबारा विवेचना
बागपत। पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के ठेकेदार से रंगदारी मांगने के मामले में कोतवाली में पिछले माह दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देकर केस में एफआर लगा दी। पुलिस अफसरों के निर्देश पर पुलिस केस की दोबारा से विवेचना करेंगी। सीओ श्वेताभ पांडेय ने कहा इस केस की दोबारा से विवेचना होगी।