भड़ल गांव में बड़ौत मार्ग से गुजर रहे कांवड़ियों को देखने पहुंचा कक्षा चार के छात्र का अपहरण हो गया। बदमाशों ने पीड़ित परिवार को फोन कर छात्र को कब्जे में होने बताया। साथ ही रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा। पुलिस उसे बरामद करने के प्रयास में जुटी हैं। हालांकि अभी तक पुलिस के सफलता हाथ नहीं लगी है।
बैंड बजाने वाले भड़ल गांव के रविंद्र का बेटा क्रिश उर्फ आर्यन मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना में कक्षा चार में पढ़ता है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे आर्यन गांव में लगे कांवड़ शिविर से साइकिल पर सवार होकर अपने घर पहुंचा।
थोड़ी देर बाद साइकिल को घर पर खड़ी करके वापस शिविर के लिए निकला था, लेकिन इसके बाद वह नहीं शिविर में पहुंचा और न ही घर। दोपहर 1:50 बजे उसके परिजनों के पास अज्ञात नंबर से फोन आया।
फोनकर्ता ने कहा बच्चा उनके कब्जे में हैं। रुपये का जल्दी इंतजाम कर लो। कितने रुपये, किस स्थान पर पहुंचाने हैं, दो घंटे बाद बता दिया जाएगा। धमकी दी पुलिस को जानकारी दी तो अंजाम बुरा होगा। यह सुनते ही परिजनों के पैरों तले की जमीन खिसक गई।
उन्होंने आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। बाद में दोघट थाना पुलिस से शिकायत की। पुलिस तभी से ही छात्र की बरामदगी के प्रयास में जुटी हुई है। लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है।
दोघट थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार यादव का कहना है कि बच्चा लापता हुआ है। किसी अज्ञात नंबर से बच्चे के परिजनों के पास फोन आया। इसमें रुपये का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। मामले की हर बिंदुओं पर जांच चल रही है। जल्द ही बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।
पहले भी होते रहे फिरौती के लिए अपहरण
बागपत। बागपत में फिरौती के लिए अपहरण होने का यह पहला मामला नहीं है। दो साल पूर्व बिनौली क्षेत्र के शेखपुरा गांव की आठ वर्षीय मोना का अपहरण हुआ था। राहुल खट्टा ने अपने साथियों के साथ 28 मार्च 2015 को युवा सराफ प्रदीप वर्मा का अपहरण किया। इससे पहले भट्ठा कारोबारी प्रवीण मित्तल समेत कई व्यापारियों के अपहरण हो चुके हैं।
पुलिस और परिजनों को फोन का इंतजार
फोन करने वाले ने कहा था कि दो घंटे में फोन करेंगे, लेकिन रात नौ बजे तक कोई कॉल नहीं आई। पुलिस और परिजन कॉल का इंतजार करते दिखे।