बागपत। शराब तस्करी के आरोप में बेगुनाह राशिद की रिहाई हो गई। उसने आबकारी इंस्पेक्टर पर आरोप लगाए। उसका कहना है कि उसे छोड़ने के लिए आबकारी निरीक्षक ने रुपये की मांग की। रुपये का इंतजाम नहीं हुआ तो उसको जेल भेजा। यह शिकायत मानवाधिकार आयोग में होगी।
शामली के लोहरीपुर खदरावली के राशिद ने बताया नौ मार्च को भटिंडा की शराब कंपनी से ट्रक में शराब लेकर चल था। 11 तारीख को गौरीपुर मोड़ के पास आबकारी इंस्पेक्टर ने उसको पकड़ लिया । आबकारी निरीक्षक ने हमें कहा रुपये का इंतजाम कर लें, तो उसको छोड़ दिया जाएगा अन्यथा अवैध रूप से शराब ले जाने के आरोप में जेल भेजा जाएगा। उसने अपने भाई से रुपये लाने के लिए फोन से बात की थी, लेकिन रुपये का इंतजाम नहीं हो पाया था। बाद में उसको आरोपी इंस्पेक्टर ने जेल भेजा। कोर्ट में अर्जी लगाई। कोर्ट के आदेश पर उसको जमानत मिली। उन्होंने कहा आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ मानवाधिकार आयोग में शिकायत होगी। उधर, आबकारी इंस्पेक्टर अमित कुमार ने कहा उन पर लगाए गए आरोप निराधार है।
इन गिरफ्तारियों पर भी सवाल
बागपत। आबकारी की टीम ने हरियाणा के समालखा निवासी सुरेंद्र पुत्र चंद्रभान को ट्रक में 15 मार्च को 330 पेटी देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया था। उस पर शराब तस्करी का आरोप लगाया था। इसके अलावा हरियाणा के हिसार निवासी सत्यवान को शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनको कोर्ट में पेश किया था। वहां से उनको जमानत मिल गई थी। अधिवक्ता नरेंद्र कुमार ने कहा आबकारी निरीक्षक पहले भी गलत तरीके से शराब तस्करी में लोगों को जेल भेज चुका है। जांच में खुलासा होने पर कोर्ट ने उनको हिदायत दी थी। उधर, आबकारी इंस्पेक्टर अमित कुमार ने बताया दोनों लोगों को अवैध रूप से शराब ले जाते पकड़ा था।