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दूध, गुड़, मावा के सैंपल फेल

Wed, 26 Apr 2017 12:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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जनपद में एक बार फिर मावा, गुड़ और दूध के सैंपल जांच में फेल मिले। इनका निर्माण करने वालों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। इससे पहले करीब तीन दर्जन सैंपल फेल पाए जा चुके हैं। 
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 जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थ बनाने का कार्य बड़े स्तर पर चल रहा है। मुख्य रूप से यहां पर मावा तैयार किया जाता है। इसके लिए गांव-गांव में भट्टियां लगी हुई है। हर रोज सुबह को दर्जनों कैंटर मावा लेकर दिल्ली जाते हैं। मावा बनाने में बड़े स्तर पर खेल हो रहा है। लखनऊ लैब में पिछले वर्ष भेजे गए नमूनों में एक बार फिर इसका खुलासा हुआ है।

मावा के 13 नमूने फेल पाए गए। गुड़ और दूध का एक-एक नमूना भी जांच में सहीं नहीं पाया गया। रिपोर्ट मिलने के बाद अफसरों ने निर्माणकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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 मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी चितरंजन कुमार का कहना है लैब में भेजे गए कई नमूने अधोमानक पाए गए हैं। खाद्य पदार्थ तैयार करने वालों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। 

पान मसाला के दो सैंपल फेल 
बागपत। दो दुकानों से पांच माह पूर्व लिए गए पान मसाला के दो नमूने भी जांच में सहीं नहीं पाए गए। एक नमूना फेल मिला तथा दूसरे की पैकिंग सहीं नहीं पाई गई। अफसर पान मसाला विक्रेताओं के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी में है। 

स्वास्थ्य पर पड़ता है बुरा प्रभाव 
बागपत। जिला अस्पताल के डॉक्टर भूपेंद्र कुमार का कहना है कि मिलावटी या मानक पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थ का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। सबसे पहले लीवर खराब होता है। इसलिए जरूरी है कि शुद्ध खाद्य पदार्थ का ही सेवन करें। 
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