किसान दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ के जिले में आने से पहले ही मलकपुर चीनी मिल के बकाया गन्ना भुगतान को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।
चीनी मिल के मालिक उमेश मोदी और अध्याशी आरके शर्मा के खिलाफ वर्तमान पेराई सत्र की एडवाइजरी और पिछले सत्र का बकाया भुगतान नहीं करने पर बड़ौत कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।
सीएम किसान दिवस पर रमाला आएंगे, लेकिन इससे पहले रविवार को गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा और केंद्रीय मानव संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्री डॉ सत्यपाल सिंह बागपत में मौजूद रहेंगे। जिले में मलकपुर चीनी मिल पर गन्ने का बकाया भुगतान किसानों का सबसे बड़ा मुद्दा है। डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने डीसीओ सुशील कुमार से बकाया भुगतान की जानकारी ली।
गन्ने के बकाया भुगतान पर सीएम और मंत्रियों के आने से पहले ही प्रशासन ने सख्त रवैया दिखाना शुरू कर दिया है। मलकपुर गन्ना समिति के सचिव ओमप्रकाश ने मिल मालिक उमेश मोदी और अध्याशी राजकुमार शर्मा के खिलाफ वर्ष 2016-17 का बकाया नहीं चुकाने और वर्तमान पेराई सत्र के भुगतान के लिए एडवाइजरी नहीं देने पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। बड़ौत कोतवाली प्रभारी हरेराम यादव ने बताया कि तहरीर मिल गई है।
इस तरह उलझा है बकाया भुगतान का मुद्दा
बागपत। पिछले सत्र के बकाया भुगतान के मामले में हाईकोर्ट ने शिडयूल के अनुसार भुगतान के निर्देश दिए हैं। जबकि वर्तमान सत्र का भुगतान डीसीओ और अध्याशी के संयुक्त खाते से किया जाना है।
इसके लिए चीनी मिल एडवाइजरी देती है, लेकिन खाते में करीब 18 करोड़ रुपये होने के बावजूद अभी तक एडवाइजरी नहीं दी गई है। कुछ किसानों का कहना है कि पिछले सत्र का पहले भुगतान होना चाहिए, जबकि कुछ किसानों का कहना है कि वर्तमान सत्र का होना चाहिए। इस पर भी विवाद चल रहा है।