बागपत के सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान वैन से ढाई क्विंटल रसगुल्ले बरामद किया है। यह रसगुल्ले मेरठ के गांव जसड़ से बागपत के मीतली गांव भेजे जा रहे रहे थे। हिरासत में लिए गए पांच आरोपियों ने इन रसगुल्लों को जिला पंचायत सदस्य पद के एक प्रत्याशी के लिए लाना बताया है। उधर, पुलिस इन रसगुल्लों को एक बीडीसी प्रत्याशी का बता रही है। चुनावी रसगुल्ले ने लोगों की काफी फजीहत करा दी है।
सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने शनिवार देर रात चेकिंग के दौरान वैन से ढाई क्विंटल रसगुल्लों के साथ मीतली गांव के पांच लोग अजय दीक्षित, सतपाल, ओमपाल, किशन और बलवान को पकड़ लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे रसगुल्लों को मेरठ के सरधना क्षेत्र के गांव जसड़ से लाए हैं।
रसगुल्लों को बागपत के मीतली लेकर जा रहे थे। यह रसगुल्ले प्रदीप ठाकुर ने अपने चुनाव में बांटने के लिए मंगवाए हैं। पुलिस आरोपियों को लेकर थाने पहुंची। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पता चलते ही नेताओं में खलबली मच गई। पुलिस अधिकारियों के पास सिफारिशी फोन आने शुरू हो गए। पुलिस भी आरोपी नेता के बचाव में जुट गई। इस बाबत सिंघावली अहीर थाना प्रभारी अशोक कुमार यादव का कहना है कि वैन से पकड़े गए रसगुल्ले मीतली निवासी कृष्णपाल के है, जो बीडीसी प्रत्याशी हैं।
किसकी बात पर करे यकीन
पकड़े गए आरोपियों ने मीडिया कर्मियों से बताया कि वे प्रदीप ठाकुर के रसगुल्ले लेकर जा रहे हैं, जबकि सिंघावली अहीर थाना प्रभारी अशोक कुमार यादव का कहना है कि रसगुल्ले बीडीसी प्रत्याशी कृष्णपाल ने मंगवाए थे।
रसगुल्लों से मेरा कोई लेनादेना नहीं : प्रदीप ठाकुर
जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी एवं सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर का कहना है कि उनका इन रसगुल्लों से कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने पूरे चुनाव में न तो किसी को शराब पिलाई और न ही रसगुल्ले खिलाए। उनका नाम गलत लिया जा रहा है।