मनोज वशिष्ठ एनकाउंटर का सच
- सीबीआई कर चुकी है मनोज की पत्नी प्रियंका समेत सात के बयान दर्ज
- भाई अनिल बोले, हत्या में दिल्ली पुलिस के अफसरों की मिलीभगत
फोटो : 1 (मनोज व अनिल का फाईल फोटो )
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत निवासी देशभक्त सेना ट्रस्ट के चेयरमैन मनोज वशिष्ठ के एनकाउंटर के मामले में सीबीआई अब तक मनोज की पत्नी और जिला पंचायत सदस्य प्रियंका वशिष्ठ समेत सात लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। मनोज के भाई अनिल वशिष्ठ का कहना है कि सीबीआई ने अभी तक केस का तो खुलासा नहीं किया है, लेकिन इतना जरूर है कि उनके भाई की हत्या व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में की गई है। इसमें दिल्ली पुलिस के कई अफसरों की मिलीभगत है।
अनिल वशिष्ठ ने अमर उजाला को मोबाइल फोन पर अनौपचारिक वार्ता के दौरान बताया कि सीबीआई उनके, उनकी भाभी प्रियंका वशिष्ठ, मनोज के ड्राइवर अन्नू यादव के अलावा प्रियंका शर्मा, जनीफर, संजय बोरा और रजनी राठी के बयान दर्ज कर चुकी है। घटना के समय चेेन्नई के जनीफर, संजय और रजनी राठी रेस्टोरेंट में मौजूद थे।
उनके साथ ही मनोज की मीटिंग चल रही थी। उन्होंने अपने बयान में सीबीआई को पूरी जानकारी दी है। सीबीआई ने भी काफी अहम सबूत जुटा लिए हैं। हालांकि अभी तक टीम ने केस का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह जरूर है कि उनके भाई मनोज की व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में हत्या की गई है। उनकी हत्या दिल्ली पुलिस के कई अफसर और पंजाब के कुछ लोगों की मिलीभगत से हुई है। वह चाहते हैं कि सीबीआई जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करें, ताकि भाई के हत्यारों का चेहरा बेनकाब हो सके।
यह था मामला
बागपत। दिल्ली के न्यू राजेंद्र नगर के रत्ना सागर रेस्टोरेंट में 16 मई को रात 8.26 मिनट पर मनोज वशिष्ठ को मार दिया गया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उनका एनकाउंटर करने का दावा किया था, जबकि मनोज के परिजनों का आरोप है कि पुलिस वालों ने उनकी हत्या की है।
इसको लेकर भारी हंगामा हुआ था। परिजन केस की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। इस मामले में दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की भारी फजीहत हुई है। यूपी के सीएम अखिलेश यादव और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं की सिफारिश पर केस की सीबीआई जांच हुई है।
ये हैं आरोपी पुलिसवाले
इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार, दरोगा विवेक सिंह, भूप सिंह, हेड कांस्टेबल संजयपाल सिंह, अनिल राव, कांस्टेबल जितेंद्र कुमार, अब्दुल अहमद खान, मोहित साल्वे, मुनीश सोलंकी। (मनोज वशिष्ठ के भाई अनिल के मुताबिक )