पुलिस ने बरनावा गांव में सपा नेता की दुकान में छापा मारा और तमंचे और कारतूस के साथ उनके बेटे को गिरफ्तार किया। इससे गांव में काफी बखेड़ा हो गया। इस दौरान पुलिस और पब्लिक आमने-सामने आ गई। हंगामा कर रहे लोगों को पुलिस ने लाठी फटकाकर खदेड़ा। इससे ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ रोष है।
गांव बरनावा निवासी और सपा के पूर्व जिला सचिव महबूब अलवी की गांव में दाहा-बिनौली मार्ग पर खाद और बीज की दुकान है। बरनावा चौकी इंचार्ज निरंजन सिरोही ने रविवार को दोपहर के समय दुकान में छापा मार कर एक पेटी से एक तमंचा, तीन कारतूस और छह खोखे बरामद किया। दुकान में मौजूद सपा नेता के बेटे आदिल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में काफी लोग इकट्ठे होकर चौकी पहुंचे। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर हंगामा किया।
उन्होंने कहा बिनौली थानाध्यक्ष और चौकी इंचार्ज ने साजिश के तहत तमंचा बरामद कर आदिल को पकड़ा है। पुलिस ने खुद ही तमंचा दुकान में रखवाया है। ग्रामीण थानाध्यक्ष, चौकी इंचार्ज को हटवाने और अपने आदिल को छोड़ने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने चौकी के बाहर धरने दे दिया। इसको लेकर पुलिस की उनसे नोकझोंक भी हुई।
इस दौरान दरोगा ने लोगों पर रिवाल्वर तान दिया था। सीओ श्वेताभ पांडेय ने आंदोलनकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग शांत नहीं हुए। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठी फटकाकर भीड़ को खदेड़ा। इनमें हबीब अहमद, मतलूब, अब्दुल रहीम, अब्बासी सलमानी, नईफ खान, हाजी सत्तार, मुस्तफा, मोहम्मद गय्यूर, इकबाल, मुस्तकीम आदि रहे।
दूसरी तरफ सीओ श्वेताभ पांडेय ने कहा दुकान से तमंचा बरामद हुआ है। पुलिस ने इसकी वीडियोग्राफी कराई है। पुलिस पर लगाया आरोप गलत है। सीओ ने कहामामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई होगी। बातचीत में लोगों को यही बताया है। किसी को माहौल खराब नहीं करने दिया जाएगा।
एसओ ने रंजिश में रची साजिश : अलवी
बिनौली। सपा के पूर्व जिला सचिव महबूब अलवी ने कहा थानाध्यक्ष ने उसके खिलाफ साजिश रची है। सपा सरकार में उन्होंने एसओ जितेंद्र यादव के गलत कार्यों की शिकायत की थी, इसी कारण उससे एसओ रंजिश रखते हैं। कई दिन से उन्हें फंसाने के लिए पुलिस पीछे पड़ी थी। शिकायत एसपी और मेरठ में डीआईजी से करके इंसाफ की मांग की जाएगी।