बागपत। 50 हजार रुपये के इनामी मोनू जाट के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उसके साथी कपिल गुराना पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस ने किसान लाल बहादुर की हत्या में शामिल रहे कपिल और शेखर को मुल्जिम बना लिया है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
मेरठ के रोहटा निवासी मोनू जाट और कस्बा टीकरी निवासी नितिन शुक्रवार की रात में सोनीपत में पकड़े गए थे। बागपत के पुलिस अफसरों ने वहां पर जाकर उनसे पूछताछ की तो मोनू ने पुलिस के सामने अपने साथियों और ठिकानों के बारे में बता दिया था।
सीओ श्वेताभ पांडेय ने बताया मोनू गुराना गांव के पूर्व प्रधान कपिल के इशारों पर घटना को अंजाम दे रहा था। कपिल ही उसे असलाह और कारतूस उपलब्ध कराता था। यहां तक की टीकरी के किसान चौधरी लाल बहादुर सिंह की 24 सितंबर को हुई हत्या में कपिल मोनू के साथ था।
इस घटना में मोनू, नितिन के अलावा रोहटा का शेखर और गुराना का कपिल शामिल रहे है। इसलिए आरोपी कपिल और शेखर को केस का मुल्जिम बना लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा जो लोग मोनू की मद्द करते थे। उनकी भी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।