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उपचार के अभाव में गई वृद्घ की जान

Sun, 04 Oct 2015 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बागपत-मेरठ मार्ग पर असंतुलित होकर मैजिक से गिरे वृद्घ को पीछे से आ रही रोडवेज बस ने रौंद दिया। राहगीरों ने समाजवादी एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल भिजवाया, जहां से उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। मगर, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। आरोप है कि समय से उपचार न मिलने के कारण वृद्घ ने दम तोड़ा।
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गांव नंगला हबीबरपुर निवासी 60 वर्षीय पूरण रविवार की दोपहर मैजिक से मेरठ जा रहा था। वह मैजिक के पीछे पायदान पर खड़ा हुआ था। सिंघावली अहीर बिजलीघर पास सड़क में बने गड्ढे के कारण गाड़ी उछली तो पूरण जमीन पर गिर गया। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रही रोडवेज बस ने उसे कुचल दिया, जिसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची समाजवादी एंबुलेंस उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंची।

जहां से चिकित्सकों ने उसे हालत गंभीर देखते हुए मेरठ के लिए रेफर कर दिया। एंबुलेंस उसे मेरठ लेकर जा रही थी कि सिसाना गांव के पास पूरण की हालत बिगड़ गई। एंबुलेंस कर्मी उसे बागपत सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां  चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लोगों का आरोप है कि उपचार के अभाव में वृद्ध की मौत हुई है। यदि समय से उसे उपचार मिल जाता तो उसकी जान बच सकती थी।
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शव को लेकर हुआ विवाद
बागपत। सीएचसी में तैनात चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एंबुलेंस कर्मी, शव को रिसीव कराना चाहते थे, लेकिन चिकित्सकों ने मना कर दिया। इसे लेकर काफी समय तक विवाद चलता रहा। सीएमओ रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि मौत होने के बाद शव को लेने की जिम्मेदारी, परिजनों या पुलिस की होती है।

हादसों को दावत दे रहे डग्गामार वाहन
बागपत। जिले में सैकड़ों डग्गामार वाहनों को नियमों को ताक पर रख कर संचालन हो रहा है। चालक और हेल्पर, ज्यादा रुपये कमाने के लालच में यात्रियों को भूसे की तरह भरकर चलते है। कई बार हादसे हो चुके है, लेकिन न पुलिस इस ओर ध्यान देती है और न ही आरटीओ। एआरटीओ प्रवर्तन आरपी मिश्र का कहना है कि डग्गामार वाहनों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को भी पांच मैजिक के चालान किए गए है।
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