एयरफोर्स से रिटायर्ड सार्जेंट के ट्विटर एकाउंट पर यूपी पुलिस और फिर डीजीपी सुलखान सिंह पर आपत्तिजनक ट्वीट करने का मामला सामने आया है।
रविवार को पुलिस उसे पकड़कर थाने लाई तो वह गाली गलौच और पुलिस कर्मियों को जान से मारने की धमकी देने लगा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। खेकड़ा के औरंगाबाद पट्टी निवासी विकास शर्मा ने 28 जुलाई को ट्वीट कर पहले यूपी पुलिस और इसके कुछ ही देर बाद डीजीपी सुलखान सिंह नाम लिखकर आपत्तिजनक पोस्ट की थी।
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। एसओ खेकड़ा देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि डीजीपी तक मामला पहुंचा। जांच शुरू हुई तो फोटो के आधार पर आरोपी विकास शर्मा औरंगाबाद पट्टी का रहने वाला निकला।
एसएसआई मोहम्मद कामिल की ओर से आईपीसी की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। ट्विटर एकाउंट पर विकास सक्रिय रहता है। वह यहां 386 लोगों को फालो करता है, जबकि 198 उसके खुद के फॉलोअर हैं। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
ट्वीट का जिक्र छिड़ते ही रोने लगा विकास
जेल जाते समय आरोपी से ट्वीट की बाबत पूछा गया तो वह फूट-फूटकर रोने लगा। उसका कहना है कि उसकी पत्नी ने एक साल पहले उसके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई कर दी थी।
अब फिर उसके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज हुआ है। पांच दिन पहले भी पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। वह बीमार है और उसे दवाइयां तक भी नहीं दी जा रही है। सार्जेंट का पत्नी से विवाद चल रहा है। वह घर पर अकेला रहता है। रोते हुए उसने पत्नी पर भी सवाल उठाया। यह भी कहा कि कि वह पूर्व सीएम मायावती की पार्टी का झंडा लगी कार में आई थी और उसके बच्चे को लेकर भी चली गई।
बोला, मैंने नहीं किया ट्वीट
डीजीपी को धमकी देने वाले सेवानिवृत्त सार्जेंट ने जेल जाते हुए कहा कि ट्वीट उसके खाते से हुआ है, लेकिन उसने नहीं किया। पूरे मामले की सही जांच होनी चाहिए। उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वह अपने घर था, पुलिस उसे घर से लेकर आई, तभी उसे ट्वीट के विषय में जानकारी मिली।