बागपत। सोनीपत में पकड़े गए 50 हजार रुपये के इनामी मोनू जाट ने पुलिस पूछताछ में अहम जानकारी दी। पुलिस का दावा है कि मोनू को गुराना गांव का पूर्व प्रधान कपिल चौधरी असलाह और कारतूस मुहैय्या करता था। टीकरी कस्बे में किसान लाल बहादुर की हत्या में कपिल भी मोनू के साथ था। लाल बहादुर और विवेक की रंजिश के चलते हत्या की गई है। उन दोनों से मोनू के दोस्त नितिन की रंजिश थी। इसका पता चलते ही पुलिस ने आरोपी कपिल के घर में दबिश दी, लेकिन वह घर पर नहीं मिला।
मेरठ के रोहटा निवासी मोनू जाट उर्फ अमित और टीकरी कस्बा निवासी नितिन को सोनीपत पुलिस ने शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया था। शनिवार को बागपत पुलिस मोनू और नितिन से जानकारी करने के लिए सोनीपत गई। सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय के मुताबिक आरोपी मोनू ने पूछताछ में बताया कि उसकी वर्ष 2011-12 में मेरठ जेल में नितिन से दोस्ती हुई थी। तभी से वे दोनों संपर्क में हैं।
इस साल अप्रैल माह में जेल से छूटने के बाद उसके दादा ने उसे घर में रखने से इंकार कर दिया था।
कुछ समय रोहटा के जंगल में व्यतीत किया। पांच अगस्त से मोनू, नितिन के साथ था। करीब 20-25 साल पहले नितिन के बाबा की लाल बहादुर और उसके परिवार के लोगों ने हत्या कर दी थी। चार साल पहले उसके ताऊ की भी पिटाई की थी। नितिन ने उसी समय उनसे बदला लेने की ठान ली थी।
नितिन के कहने पर उसने 24 सितंबर की सुबह नितिन और अपने साथी शेखर निवासी रोहटा के साथ मिलकर किसान लाल बहादुर की हत्या की। उनके साथ गुराना का पूर्व प्रधान कपिल भी था। नितिन का कुछ समय पूर्व युवक विवेक से झगड़ा हुआ था। इसी कारण विवेक की हत्या की। सीओ ने बताया मोनू की पूर्व प्रधान कपिल से पुरानी जान पहचान है। कपिल और उसका भाई मनोज उसको असलाह और कारतूस मुहैय्या कराता था। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।