बागपत के सांकरौद गांव के खाप पंचायत के बहु चर्चित मामले में सोमवार को सीजेएम कोर्ट आरोपी दलित परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ खेकड़ा थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए है। इसमें आरोपी युवक को भाई भी शामिल है, जो दिल्ली पुलिस में सिपाही है।
थाना स्तर पर सुनवाई न होने पर युवती ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था कि 10 अप्रैल को दलित युवक रवि उसे धोखे से नौकरी लगवाने के बहाने से दिल्ली ले गया था। वहां पर उसे एक मकान में 10 दिन तक बंधक बनाकर रखा था। उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। एक दिन आरोपी युवक बाहर गया हुआ था।
उसकी रखवाली को उसने अपने भाई सुमित (दिल्ली पुलिस के सिपाही) को छोड़ा था। उसने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी रवि नशे के सामान का व्यापार करता है। आरोपी ने उसे धमकी दी थी कि उसके पढ़ाई के कागज उसके पास है। अगर किसी को इस बारे में बताया तो उसे बदनाम कर देगा।
वह अपनी और अपने परिवार की इज्जत की खातिर अब तक चुप रही। आरोपी की दो बहने और पिता आए दिन फोन पर उसे धमकी दे रहे हैं। वह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहले खेकड़ा पुलिस, फिर 22 अगस्त को एसपी से मिली, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
अधिवक्ता अरुण राणा और राजेंद्र सिंह मलिक का कहना है कि युवती के प्रार्थना पत्र पर सीजेएम कोर्ट ने आरोपी रवि, उसके भाई सुमित, पिता धर्मपाल और दो बहन चांदनी और मीनाक्षी के खिलाफ खेकड़ा थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए है। इस बारे में खेकड़ा थाना प्रभारी सुबोध कुमार यादव का कहना है कि उन्हें कोर्ट का आदेश मिल गया है। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
दलित परिवार में खलबली
बागपत। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज के आदेश होने के बाद दलित परिवार में खलबली मच गई। आरोपी धर्मपाल सिंह का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत है।