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तितरौंदा में दो परिवारों को बंधक बना कर डकैती

Sun, 18 Oct 2015 11:25 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
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सिंघावली अहीर क्षेत्र के तितरौंदा गांव में शनिवार की रात 14-15 बदमाशों ने मावा व्यापारी दो भाइयों के परिजनों को बंधक बनाकर 1.13 लाख की नगदी समेत करीब साढ़े छह लाख रुपये के आभूषण और अन्य सामान लूट लिया। बदमाश मकान में पुलिस वाले बताकर घुसे थे। वारदात से गांव में दहशत है। उधर, पुलिस डकैती को संदिग्ध मान रही है।
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मावा व्यापारी नबाव ने बताया कि शनिवार रात सभी परिजन सोए हुए थे। रात करीब सवा एक बजे बदमाशों ने खुद को पुलिस वाले बताते हुए गेट खुलवाया। दरवाजा खुलते ही 14-15 सशस्त्र बदमाश मकान में घुस आए और पूछा कि रामवीर का बेटा अंकित कहां रहता है? उसकी हत्या करनी है। बताया गया कि कि आस पड़ोस में कोई अंकित नहीं रहता।

इस पर बदमाशों ने उसे कब्जे में ले लिया और मकान की छत पर बने कमरे में सो रहे उनके भतीजे राशिद, सादिक आसिफ, नौकर आकिल और उनकी पत्नी रोशनआरा के भी हाथ-पैर बांधकर कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने मकान से 13 हजार रुपये नगद, कुंडल, दो तौले सोना, एक किलोग्राम चांदी समेत करीब डेढ़ लाख रुपये का कीमती सामान लूट लिया।
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इसके उपरांत बदमाश उन्हें, भाई आजाद के घर पर ले गए। वहां पर भी इसी तरह दरवाजे खुलवाए और आजाद, उसके बच्चों को बंधक बनाकर एक लाख रुपये नगद, छह तोले सोने के आभूषण, एक किलोग्राम चांदी समेत करीब चार लाख रुपये का सामान लूट लिया। इसके बाद बदमाश धमकी देते हुए फरार हो गए।

बदमाशों के जाने के बाद उसने सभी परिजनों को मुक्त कराया और शोर मचा दिया। आसपास के लोग एकत्र हुए और बदमाशों की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया। सिंघावली अहीर थाना प्रभारी अशोक कुमार यादव का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। मामले की जांच की जा रही है। दो लोगों को थाने पर लाकर पूछताछ भी की जा चुकी है।
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डौला चौकी पर नहीं मिली पुलिस
बागपत। पीड़ितों का आरोप है कि जब शिकायत करने के लिए डौला चौकी पहुंचे तो वहां पर कोई नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी।
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