बड़ौत। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बड़ौत की कक्षा पांच की छात्रा के यौन शोषण के मामले में शिक्षा विभाग के अफसरों ने जांच बैठा दी। साथ ही मामले को गंभीरता से लेकर पीड़ित छात्रा को विद्यालय मेें पूरी सुरक्षा देने के निर्देश दिए हैं।
कस्तूरबा गंाधी आवासीय बालिका विद्यालय की कक्षा पांच की छात्रा के साथ सोमवार को यौन शोषण का मामला प्रकाश में आया था। मामला उजागर होते ही स्कूल प्रशासन से लेकर प्रशासनिक अफसरों में हड़कंप मच गया था। सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेकर बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि को मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए थे।
निर्देश पर बाल संरक्षण अधिकारी दीपांजलि विद्यालय पहुंची थी और मामले की जांच कर बड़ौत कोतवाली में छात्रा के साथ यौन शोषण का मामला शामिल कर तीन युवकों के खिलाफ तहरीर दी थी। पुलिस ने छात्रा को मेडिकल के लिए भेजा था।
हालांकि पूरे प्रकरण में कार्यवाहक वार्डन रश्मि के अलावा अन्य स्टाफ चुप्पी साधे है। इस दौरान छात्रा के साथ यौन शोषण के अलावा कई अन्य मामले में प्रकाश मेें आए थे। इसमें पहला मामला छात्रा का कक्षा एक से सीधे कक्षा पांच मेें प्रवेश करना और दूसरा मामला छात्रा का विद्यालय मेें दाखिल प्रक्रिया में विद्यालय प्रशासन द्वारा मां-बाप की जांच किए बिना मात्र एक शपथ पत्र मेें दाखिल करने था। इसके अलावा सबसे गंभीर मामला यह था कि छात्रा का जिस बाहरी महिला जन्नत ने दाखिल कराया था, उसने दाखिल में छात्रा को अपनी पुत्री दर्शाया, जबकि वास्तव में राबिया नामक महिला भी छात्रा पर मां होने का दावा ठोक रही है।
राबिया पत्नी शकील ने तहसील दिवस में शिकायत देकर उक्त महिला जन्नत और विद्यालय प्रशासन पर कई संगीन आरोप लगाए थे। पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेकर शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में एबीएसए डॉ. प्रभात कुमार ने कहा मामला संज्ञान में आया है। मामले को गंभीरता से लेकर जांच शुरू कर दी।
उन्होंने बताया जब तक मामले की जांच चलेगी, छात्रा को विद्यालय में पूरी सुरक्षा दी जाएगी। किसी को बिना अनुमति के छात्रा से मिलने नहीं दिया जाएगा।